तुलसी पूजन से मिलती है सुख-समृद्धि: सुदर्शनाचार्य, विष्णु महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ
अलवर। काला कुआं स्थित वेंकटेश बालाजी दिव्य धाम के तत्वावधान में शनिवार को विष्णु महापुराण कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विष्णु और तुलसी माता के षोडशोपचार पूजन से हुई, जिसमें 108 यजमानों ने स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज के सानिध्य में भाग लिया।
इस अवसर पर भव्य तुलसी कलश यात्रा निकाली गई। महिलाएं सिर पर तुलसी के गमले धारण कर बैंड-बाजों और भजन-कीर्तन के साथ नृत्य करती हुई मंदिर परिसर से प्रताप ऑडिटोरियम स्थित कथा स्थल तक पहुंचीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और जगह-जगह ठंडा जल व ठंडाई वितरित की गई।
वेद विद्यालय के आचार्य एवं छात्र, यजमानों के साथ स्वामी सुदर्शनाचार्य भी गोमाता के साथ पैदल यात्रा करते हुए कथा स्थल पहुंचे। कथा के प्रथम दिन स्वामी सुदर्शनाचार्य ने पुरुषोत्तम मास का महत्व बताते हुए कहा कि यह मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इसमें निष्काम भाव से पूजा करने पर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग घरों में मनी प्लांट लगाते हैं, जबकि भारतीय संस्कृति में तुलसी माता की पूजा को सुख-समृद्धि और लक्ष्मी प्राप्ति का सर्वोत्तम माध्यम माना गया है। भगवान विष्णु भी तुलसी दल से ही प्रसन्न होते हैं। साथ ही उन्होंने क्षमा को सबसे बड़ा दान बताते हुए जीवन में क्षमादान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में दिल्ली, कोलकाता, चंडीगढ़ और फरीदाबाद सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं के साथ अलवर के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
आज के कार्यक्रम:
रविवार सुबह 7 से 9 बजे तक तुलसी एवं भगवान विष्णु का पूजन, सुबह 9 से 11 बजे तक राष्ट्र रक्षा के लिए सुदर्शन यज्ञ और शाम 4 से 7 बजे तक प्रताप ऑडिटोरियम में विष्णु महापुराण कथा का प्रवचन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।