सीवर सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत, परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप
उत्तर प्रदेश के नोएडा के गेझा गांव में सीवर की सफाई के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर राहत और बचाव कार्य नहीं होने से कर्मचारी की जान चली गई। घटना के बाद परिवार ने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा मानकों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।
सीवर सफाई के दौरान हुआ हादसा, नहीं बच सकी कर्मचारी की जान
नोएडा के गेझा गांव में सीवर की सफाई के दौरान एक कर्मचारी की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, सफाई कार्य के दौरान कर्मचारी सीवर के भीतर फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कर्मचारी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस हादसे ने एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों ने लगाया देरी और लापरवाही का आरोप
मृतक के परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद समय पर बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया। मृतक के भाई का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय तक सीवर के भीतर फंसा रहा, लेकिन संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। परिवार का दावा है कि उपलब्ध मशीनों और संसाधनों का समय रहते उपयोग किया जाता तो संभव है कि कर्मचारी की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस और फायर ब्रिगेड ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद कर्मचारी को सीवर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और यह भी देखा जाएगा कि सफाई कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सीवर सफाई को लेकर सुरक्षा नियमों पर फिर उठे सवाल
सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाले हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां मशीनों से सफाई संभव हो, वहां कर्मचारियों को सीवर में उतारने से बचना चाहिए। यदि किसी विशेष परिस्थिति में मैन्युअल सफाई जरूरी हो, तो गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट, सुरक्षा किट और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसे हादसे सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन की जरूरत को फिर से उजागर करते हैं।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं, और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। यदि जांच में किसी अधिकारी, ठेकेदार या संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है और मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद जता रहा है।