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20 मिनट की देरी ने तोड़ दिया सपना: 240 किमी दूर से आई छात्रा को परीक्षा केंद्र पर नहीं मिली एंट्री

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा के दौरान जयपुर में एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। आगरा से करीब 240 किलोमीटर का सफर तय कर परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा को निर्धारित समय से लगभग 20 मिनट देर से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा केंद्र के बाहर छात्रा की आंखों से आंसू नहीं थमे और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं में समय की महत्ता और नियमों की सख्ती को एक बार फिर सामने लेकर आई है।

20 मिनट की देरी बनी परीक्षा से वंचित होने की वजह

जयपुर के गांधी नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर उस समय भावुक माहौल बन गया, जब एक छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली। जानकारी के अनुसार छात्रा आगरा से स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा देने पहुंची थी, लेकिन निर्धारित रिपोर्टिंग समय से करीब 20 मिनट देर से केंद्र पर पहुंची। परीक्षा केंद्र पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आयोग के नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया। छात्रा ने काफी अनुरोध किया और अपने पक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन निर्धारित नियमों के कारण उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं मिल सका। इस घटना ने अन्य अभ्यर्थियों को भी समय प्रबंधन के महत्व का संदेश दिया।

केंद्र के बाहर छलका दर्द, भावुक हुई छात्रा

परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलने के बाद छात्रा भावनात्मक रूप से टूट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने सुरक्षाकर्मियों से बार-बार आग्रह किया कि उसे परीक्षा देने का मौका दिया जाए, लेकिन नियमों में कोई छूट नहीं दी गई। इसके बाद वह केंद्र से कुछ दूरी पर जाकर बैठ गई और फूट-फूटकर रोने लगी। उसके साथ आए परिजन और परिचित उसे समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन लंबे समय की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फिर जाने से वह खुद को संभाल नहीं सकी। वहां मौजूद लोगों ने भी छात्रा की स्थिति पर सहानुभूति जताई।

एक साल की मेहनत पर फिरा पानी

बताया जा रहा है कि छात्रा पिछले करीब एक वर्ष से इस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थी। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए लाखों युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं और ऐसे में कुछ मिनटों की देरी कई बार पूरे प्रयास को प्रभावित कर देती है। छात्रा की भावुक प्रतिक्रिया इसी मानसिक दबाव और उम्मीदों के टूटने का परिणाम मानी जा रही है। यह घटना उन अभ्यर्थियों के लिए भी सीख है, जो लंबी दूरी तय कर परीक्षा देने जाते हैं और समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की योजना नहीं बनाते।

ड्रेस कोड और प्रवेश नियमों को लेकर भी रही चर्चा

स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर ड्रेस कोड को लेकर भी असमंजस की स्थिति देखने को मिली। महिला अभ्यर्थियों से दुपट्टा, चूड़ियां, कड़े और कुछ आभूषण हटाने को कहा गया। हालांकि बाद में केंद्र अधीक्षकों ने स्पष्ट किया कि दुपट्टा पहनकर आने की अनुमति है, लेकिन उसे परीक्षा कक्ष के बाहर रखना होगा। आयोग द्वारा सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश लागू किए गए थे, जिनका पालन सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य रखा गया।

हजारों पदों के लिए लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक है। कुल 3,944 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित इस परीक्षा में 5.49 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रदेशभर में 868 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सर्वाधिक केंद्र जयपुर में स्थापित किए गए। परीक्षा 5 जून तक विभिन्न विषयों और समूहों में आयोजित की जा रही है। ऐसे में आयोग समयबद्धता और सुरक्षा नियमों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।

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