कुर्सी विवाद पर गरमाया अलवर, चौरासी जाट महासभा ने कलेक्टर हटाने की उठाई मांग
अलवर में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान हुए “कुर्सी विवाद” ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर चौरासी जाट महासभा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।
महासभा के अध्यक्ष बेगराज चौधरी ने बताया कि बैठक में जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर के लिए कुर्सी की व्यवस्था नहीं की गई, जबकि अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए बैठने की पूरी व्यवस्था थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री के कहने पर ही जिला प्रमुख को बैठक में शामिल किया गया। समाज ने इसे जिले के प्रथम नागरिक का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
महासभा ने यह भी घोषणा की कि दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मंत्री से मिलने वाले आश्वासन के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो 15 तारीख को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान कलेक्टर के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। महासभा के सदस्य शेर सिंह गंडूरा ने कहा कि इस घटना का असर आगामी चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
दरअसल, रविवार को हुई इस बैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास भी मौजूद थे। बैठक के दौरान जिला प्रमुख के लिए कुर्सी नहीं होने पर उन्हें बाहर इंतजार करने के लिए कहा गया। बाद में केंद्रीय मंत्री ने उन्हें दरवाजे पर खड़ा देख बैठक में बुलाया, जिसके बाद उन्हें बहरोड़ विधायक जसवंत यादव की खाली सीट पर बैठाया गया।
गौरतलब है कि जिला प्रमुख और जिला प्रशासन के बीच पहले भी बयानबाजी होती रही है। ऐसे में इस कुर्सी विवाद को लोग दोनों के बीच चल रहे पुराने विवाद से जोड़कर भी देख रहे हैं।