रामगढ़ में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत जोरदार प्रदर्शन, खून से लिखी गई 5800 पन्नों की मांग
सीताराम मंदिर से शुरू हुआ अभियान, उमड़ा जनसमर्थन
रामगढ़ कस्बे में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत कार्यक्रम की शुरुआत सीताराम मंदिर से हुई, जहां बड़ी संख्या में युवा, गौरक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सभी ने गौ संरक्षण और सम्मान के मुद्दे पर एकजुटता दिखाई। कार्यक्रम में युवाओं का जोश और सहभागिता खास देखने को मिली। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान समाज में जागरूकता फैलाने और गौ माता के महत्व को फिर से स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
मुख्य बाजार से एसडीएम कार्यालय तक निकली भव्य रैली
सीताराम मंदिर से शुरू हुई रैली मुख्य बाजार होते हुए एसडीएम कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान “गौ माता का सम्मान, देश का अभिमान” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई इस रैली ने आमजन का भी ध्यान आकर्षित किया और कई लोग इसमें शामिल होकर समर्थन देते नजर आए।
खून से लिखे 5800 पन्ने बने चर्चा का केंद्र
इस अभियान की सबसे अनोखी और चर्चित पहल रही युवाओं द्वारा खून से लिखी गई मांग। करीब 150 से अधिक युवाओं ने अपने रक्त से लगभग 5800 पन्नों पर गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग दर्ज की। इन पन्नों पर भारतीय संस्कृति, गौ संरक्षण और धार्मिक महत्व से जुड़े श्लोक भी लिखे गए। यह पहल लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का विषय बनी रही और इसे युवाओं की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया गया।
पुलिस की मुस्तैदी में शांतिपूर्ण रहा आयोजन
रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। थानाधिकारी अजीत बड़सरा के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कहीं भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति नहीं बनी, जिससे आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हो सका।
देशभर में चल रहा अभियान, ज्ञापन सौंपा गया
गौरक्षक यतीन दत्त ने बताया कि यह अभियान केवल रामगढ़ तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश में चलाया जा रहा है। वहीं गौसेवक अजीत जैन ने गौ माता के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए संरक्षण की जरूरत बताई। कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक तरीके से ज्ञापन की पोटली सिर पर रखकर बाबूलाल वर्मा को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।