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दोस्ती बनी धोखा: 8 लाख लूट का मास्टरमाइंड दोस्त निकला


Alwar के लक्ष्मणगढ़ में हुई 8 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित का करीबी दोस्त ही निकला, जिसने भरोसे का फायदा उठाकर पूरी साजिश रची।

भरोसे का फायदा, रची लूट की साजिश

एसपी Sudhir Chaudhary के अनुसार, रिंजवास निवासी जसराम गुर्जर जमीन रजिस्ट्री के लिए बड़ौदामेव गया था। उसने अपने परिचित साहून मेव पर भरोसा करते हुए पैसों से भरा बैग उसे सौंप दिया। लेकिन इसी भरोसे को हथियार बनाकर साहून ने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की पूरी योजना तैयार कर ली।

रास्ते में छीना बैग, बनाया फर्जी लूट का सीन

योजना के तहत बिना नंबर की बाइक पर सवार एक बदमाश ने रास्ते में साहून के हाथ से बैग छीन लिया और फरार हो गया। पहली नजर में यह एक सामान्य लूट की घटना लग रही थी, लेकिन पुलिस को शुरुआत से ही मामले में कुछ संदिग्ध पहलू नजर आए।

तकनीकी जांच से खुला राज

Rajasthan Police ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया। इसी दौरान पुलिस को साजिश की कड़ियां मिलती गईं और शक की सुई सीधे साहून मेव पर आकर टिक गई।

आरोपी गिरफ्तार, रकम बरामद

पुलिस ने नागल मेव मंडावरा (दौसा) निवासी साहून मेव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पूरी साजिश कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी के घर से लूटी गई रकम भी बरामद कर ली।

पुलिस की सतर्कता से खुला मामला

इस पूरे मामले में Rajasthan Police की तेज कार्रवाई और पेशेवर जांच से सच सामने आया। घटना ने यह साफ कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून से बचना आसान नहीं है।

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