AAP में कथित तख्तापलट पर अशोक गहलोत का हमला, बोले—‘34 दिन होटल में रहना पड़ा, लोकतंत्र पर खतरा’
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसदों के भाजपा में जाने के घटनाक्रम पर अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राघव चड्ढा से जुड़े इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर गहलोत ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिशें हो रही हैं।
लोकतंत्र पर खतरे का आरोप, BJP पर साधा निशाना
अशोक गहलोत ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। गहलोत के मुताबिक, विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और जांच एजेंसियों की सक्रियता इस बात का संकेत है कि सत्ता पक्ष राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
AAP सांसदों के घटनाक्रम पर उठाए सवाल
AAP के राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने की खबर पर गहलोत ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं के खिलाफ पहले जांच और आरोप लगाए जा रहे थे, वही अब सत्ता पक्ष के करीब आते ही साफ नजर आने लगते हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर असर पड़ता है। गहलोत का मानना है कि इस तरह की घटनाएं जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं और राजनीतिक प्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।
‘वॉशिंग मशीन’ वाली राजनीति पर तंज
अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि आजकल राजनीति में “वॉशिंग मशीन” चल रही है। उनका इशारा उन नेताओं की ओर था, जिन पर पहले आरोप लगते हैं लेकिन सत्ता पक्ष में आने के बाद वे साफ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। गहलोत ने अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब इन रणनीतियों को समझने लगी है।
राजस्थान की राजनीति और मानेसर प्रकरण का जिक्र
राजस्थान की राजनीति को लेकर भी गहलोत ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार राज्य में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करता रहा है। 2020 के राजनीतिक संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें और उनके समर्थक विधायकों को 34 दिनों तक होटल में रहना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब विपक्ष की “हॉर्स ट्रेडिंग” की कोशिशों के कारण हुआ। गहलोत ने कहा कि इसके बावजूद उनकी पार्टी एकजुट रही और सरकार को बचाने में सफल रही।
अन्य राज्यों में भी तोड़फोड़ के आरोप
अशोक गहलोत ने भाजपा पर अन्य राज्यों में भी इसी तरह की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिशें की गईं। उनके अनुसार, यह एक सुनियोजित रणनीति है, जिसके जरिए राजनीतिक संतुलन को बदला जा रहा है। गहलोत ने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और इससे राजनीतिक स्थिरता प्रभावित होती है।
राघव चड्ढा के फैसले पर राजनीतिक हलचल तेज
राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने और भाजपा के साथ जाने के फैसले ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। करीब डेढ़ दशक तक AAP से जुड़े रहने के बाद उनका यह कदम बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गहलोत के बयान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।