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दोस्ती में धोखा: 10 लाख की ठगी में FIR, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

अजमेर जिले के किशनगढ़ में दोस्ती के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। व्यापार बढ़ाने का झांसा देकर रकम लेने और बाद में लौटाने से इनकार करने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की है। पीड़ित का आरोप है कि बार-बार मांगने और कानूनी नोटिस के बावजूद पैसे नहीं लौटाए गए, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

किशनगढ़ न्यायालय के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत के निर्देश के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस इस पूरे लेन-देन और आरोपों की बारीकी से जांच कर रही है।

व्यापार बढ़ाने के नाम पर लिए 10 लाख रुपये

मामला काली डूंगरी निवासी राजेन्द्र जाट और मदनगंज निवासी मनोज शर्मा के बीच पुरानी दोस्ती से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने अपने एसी व्यवसाय को बढ़ाने और नई फर्म खोलने का हवाला देकर 10 लाख रुपये नकद लिए थे। यह रकम 15 जनवरी 2025 को दो गवाहों की मौजूदगी में दी गई थी, जिसे 6 महीने में लौटाने का वादा किया गया था।

वापसी से इनकार और धमकी के आरोप

पीड़ित का आरोप है कि तय समय सीमा बीतने के बाद भी आरोपी ने रकम वापस नहीं की। पहले वह टालमटोल करता रहा और फिर स्पष्ट रूप से पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने यहां तक कहा कि उसने यह रकम शुरू से हड़पने की नीयत से ली थी और वह पैसे वापस नहीं करेगा, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

पुलिस कार्रवाई न होने पर पहुंचा मामला कोर्ट

पीड़ित ने पहले गांधीनगर थाना और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत में वकील के माध्यम से याचिका दायर की गई, जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस दोनों पक्षों के बयान, गवाहों के बयान और दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारी मामले की पूरी तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं ताकि यह साफ हो सके कि वास्तव में धोखाधड़ी हुई या नहीं।

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