मातौर फायरिंग केस खुलासा: 35 हजार के इनामी आरोपी गिरफ्तार
खैरथल-तिजारा जिले के मातौर बस स्टैंड फायरिंग केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹35 हजार के इनामी दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। टोल प्लाजा विवाद में हुई इस वारदात का खुलासा होने से इलाके में राहत का माहौल है।
दिनदहाड़े फायरिंग से मचा था हड़कंप
20 मार्च 2026 को मातौर गांव के बस स्टैंड पर हुई फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। आरोपियों ने टोल प्लाजा में हिस्सेदारी को लेकर चल रही रंजिश के चलते विरेन्द्र राजपूत पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले में उसकी जान बाल-बाल बची, लेकिन घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिससे पुलिस के सामने चुनौती बढ़ गई थी।
₹35 हजार के इनामी आरोपी आखिरकार गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹25 हजार के इनामी प्रमोद उर्फ काला और ₹10 हजार के इनामी हितेश को गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से फरार चल रहे इन आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने लगातार प्रयास किए। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर हितेश को जयपुर के जगतपुरा से और प्रमोद उर्फ काला को कोटा से दबोच लिया गया।
तकनीकी जांच और सीसीटीवी से मिली सफलता
घटना के बाद पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। आरोपियों की लोकेशन ट्रैक करने के लिए हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न शहरों में दबिश दी गई। आरोपी बार-बार अपने ठिकाने बदलते रहे, लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी से आखिरकार वे गिरफ्त में आ ही गए।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही साजिश रचने और आर्थिक सहयोग देने वाले प्रदीप उर्फ कातिया, अनुप सिंह और लखन को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की बैलेनो कार भी जब्त कर ली गई है। इससे पुलिस को पूरे घटनाक्रम को समझने और आरोपियों के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिली है।
शातिर अपराधी, कई गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं, जिन पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अपहरण और आर्म्स एक्ट सहित करीब एक दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी प्रमोद उर्फ काला का नाम पहले भी कई आपराधिक घटनाओं में सामने आ चुका है, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि स्पष्ट होती है।
पुलिस कार्रवाई से बढ़ा भरोसा, अपराधियों में डर
पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून से बच नहीं सकते। इस सफलता से आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, वहीं अपराधियों में डर का माहौल बना है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।