अलवर में गोवंश अवशेष मामला: पुलिस खाली हाथ, हिंदू संगठनों ने बनाई 11 सदस्यीय समिति
अलवर में गोवंश अवशेष मिलने के संवेदनशील मामले में 24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बावजूद पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई। इसके बाद सर्व हिंदू समाज ने बैठक कर 11 सदस्यीय समिति गठित की और आगे की रणनीति तय करने के संकेत दिए।
24 घंटे बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी
Alwar के एनईबी थाना क्षेत्र में अग्रसेन सर्किल के पास गाय के बछड़े का कटा सिर मिलने की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस को 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। इस देरी को लेकर संगठनों में नाराजगी साफ दिखाई दी और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
हॉप सर्कस पर बैठक, बनाई गई 11 सदस्यीय समिति
अल्टीमेटम के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को हॉप सर्कस पर सर्व हिंदू समाज की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जो आगे की रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी। यह समिति प्रशासन पर दबाव बनाने के साथ-साथ मामले की मॉनिटरिंग भी करेगी, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक के बाद समिति के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की गई। इस दौरान प्रियंका रघुवंशी और अंगद शर्मा के साथ कोतवाली में बैठक भी हुई। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच में तेजी लाने का आश्वासन दिया है।
गौतस्करी और अवैध मांस बिक्री पर उठे सवाल
विश्व हिंदू परिषद से जुड़े प्रेम राजावत ने कहा कि जिले में लगातार गौतस्करी और गोकशी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर सख्त रोक जरूरी है। उन्होंने बिना लाइसेंस मांस बेचने वाले होटल संचालकों पर कार्रवाई और गोमांस की बिक्री पर कड़ी निगरानी की मांग उठाई। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि व्यापक समस्या का संकेत है, जिसे प्रशासन को गंभीरता से लेना होगा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।