रामगढ़ में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन: वेतन, अवकाश और शोषण के खिलाफ 3 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
रामगढ़ नगरपालिका में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को राजस्थान प्रदेश वाल्मीकि सेना मिशन के नेतृत्व में वाल्मीकि समाज मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों की समस्याओं और कथित शोषण पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद शाम करीब 4 बजे सफाई कर्मचारियों और महिलाओं ने हाथों में झाड़ू लेकर विरोध रैली निकाली। यह रैली वाल्मीकि मंदिर से शुरू होकर तहसील रंगमंच होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची, जहां कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
एसडीएम की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने जीतू सैनी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 3 दिन के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो सफाई कार्य बंद कर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वाल्मीकि सेना के प्रमुख अनिल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और कर्ज लेकर जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही।
संगठन ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से कर्मचारियों का ईपीएफ और ईएसआईसी जमा नहीं कराया गया है और उनसे लगातार काम लेने के बावजूद साप्ताहिक अवकाश तक नहीं दिया जा रहा, जो श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि गैर-वाल्मीकि सुपरवाइजर को हटाकर वाल्मीकि समाज के व्यक्ति को नियुक्त किया जाए। साथ ही कम कर्मचारियों से अधिक कार्य लेने पर भी नाराजगी जताई गई।
संगठन ने केंद्र सरकार के नए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2026 से अकुशल श्रमिक की दैनिक मजदूरी 783 रुपये तय की गई है, इसलिए सफाई कर्मचारियों को उसी आधार पर वेतन दिया जाना चाहिए।
इस दौरान प्रदेश महासचिव सुरेंद्र वाल्मीकि, सुनील वाल्मीकि, राजेश वाल्मीकि, तिलक वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और महिलाएं मौजूद रहीं।