IAS तबादला: सीकर कलक्टर बदले, विवादों के बीच मुकुल शर्मा को मिला CMO में अहम पद
राजस्थान में आईएएस अधिकारियों की नई तबादला सूची में सीकर जिला प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया है। जिला कलक्टर मुकुल शर्मा को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में विशिष्ट सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आशीष मोदी को सीकर का नया कलक्टर नियुक्त किया गया है। हालिया मंत्री-विवाद और शिकायतों के बावजूद मुकुल शर्मा को अहम पद मिलना सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सीकर में प्रशासनिक बदलाव, नए कलक्टर की नियुक्ति
कार्मिक विभाग द्वारा जारी तबादला सूची में सीकर जिले के नेतृत्व में परिवर्तन किया गया है। वर्तमान कलक्टर मुकुल शर्मा को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में विशिष्ट सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक आशीष मोदी को सीकर का नया जिला कलक्टर बनाया गया है। हालांकि, आशीष मोदी फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। निर्वाचन आयोग की अनुमति मिलने के बाद ही वे सीकर में कार्यभार संभाल पाएंगे, जिससे फिलहाल प्रशासनिक जिम्मेदारी का औपचारिक हस्तांतरण लंबित है।
मंत्री से विवाद और तबादले की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में वन मंत्री संजय शर्मा और तत्कालीन कलक्टर मुकुल शर्मा के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए थे। यह विवाद इतना बढ़ा कि इसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंची। इसके बाद से ही मुकुल शर्मा के तबादले की चर्चाएं तेज हो गई थीं। दिलचस्प बात यह है कि विवादों के बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे प्रशासनिक दृष्टि से प्रमोशन के रूप में भी देखा जा रहा है।
प्रभारी मंत्री का सीकर दौरा रुका, बढ़ी चर्चाएं
विवाद के बाद से प्रभारी मंत्री का सीकर दौरा नहीं होना भी चर्चा का विषय बना रहा। राज्य सरकार द्वारा मंत्रियों को नियमित फील्ड विजिट के निर्देश दिए जाने के बावजूद उनका जिले में नहीं आना कई सवाल खड़े करता है। बताया जा रहा है कि मंत्री स्तर से मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचने के बाद यह दूरी और बढ़ी। ऐसे में अब मुकुल शर्मा को CMO में पोस्टिंग मिलने से राजनीतिक और प्रशासनिक समीकरणों को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
कलक्टर के कार्यकाल में प्रमुख पहल और उपलब्धियां
मुकुल शर्मा के कार्यकाल के दौरान सीकर में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहलें देखने को मिलीं। खाटूश्यामजी मेले के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पार्किंग जोन विकसित किए गए और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाकर प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित करने की कोशिश की गई। इसके अलावा राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रयास किए गए, जिससे कई विभागों की रैंकिंग में सीकर जिला बेहतर स्थिति में रहा।