मौहम्मदपुर में जल संकट गहराया, महीनों से बंद सप्लाई; महिलाओं का प्रदर्शन, दी आंदोलन की चेतावनी
रामगढ़ (अलवर)। पंचायत समिति रामगढ़ की ग्राम पंचायत हाजीपुर के अंतर्गत आने वाले मौहम्मदपुर गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। पिछले दो-तीन महीनों से गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी की किल्लत से नाराज महिलाओं ने जलदाय विभाग और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
पूर्व वार्ड पंच के अनुसार, गांव में करीब पांच महीनों से पेयजल संकट बना हुआ है। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत करीब 1 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी और बोरिंग का निर्माण कराया गया था, लेकिन इसका लाभ अब तक ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेजेएम की बोरिंग का पानी पीने योग्य नहीं है और इससे त्वचा संबंधी समस्याएं हो रही हैं। वहीं गांव की एकमात्र अन्य बोरिंग में भी पानी का स्तर घट गया है, जिससे पूरे गांव में पानी की आपूर्ति बाधित है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जलदाय विभाग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं जलदाय विभाग के सहायक अभियंता सियाराम गुर्जर का कहना है कि जेजेएम के तहत बनी पानी की टंकी ग्राम पंचायत को हैंडओवर की जा चुकी है और इसके संचालन की जिम्मेदारी अब पंचायत की है।
इधर ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत और जलदाय विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।