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अलवर में “शादी का जाल” : भरोसे की डोर टूटी, रिश्तों की आड़ में रची गई लूट की खौफनाक साजिश

शादी जैसे पवित्र रिश्ते पर लगा दाग

पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास, समर्पण और जीवनभर साथ निभाने की भावना पर टिका होता है। यह वह पवित्र बंधन है जिसमें दो लोग सुख-दुख के हर मोड़ पर एक-दूसरे का सहारा बनते हैं। लेकिन आज के दौर में कुछ लोग इसी रिश्ते की आड़ में अपराध का जाल बुन रहे हैं। राजस्थान के अलवर से सामने आया यह सनसनीखेज मामला इसी गिरती नैतिकता और भरोसे के टूटते धागों की दर्दनाक कहानी बयान करता है।

पड़ोस से शुरू हुआ “शादी का खेल”

अलवर के दिल्ली रोड स्थित जनता कॉलोनी निवासी विक्रमजीत की जिंदगी में यह साजिश पड़ोस से ही शुरू हुई। बबली कौर के जरिए उसकी मुलाकात पिंकी कौर से कराई गई, जिसने खुद को रिश्ते कराने वाली महिला बताया। उसने अपनी भांजी रेखा कौर से शादी का प्रस्ताव रखा। जब विक्रमजीत ने रेखा के पहले से शादीशुदा होने पर सवाल उठाया, तो उसे विश्वास दिलाया गया कि तलाक हो चुका है और कानूनी प्रक्रिया पूरी हो रही है। भरोसे की यही शुरुआत आगे चलकर एक बड़े धोखे में बदल गई।

लिव-इन से गुरुद्वारे तक रची गई पटकथा

योजना के तहत 9 मई 2025 को कोर्ट में लिव-इन रिलेशनशिप का एग्रीमेंट कराया गया। इसके बाद 26 मई को 60 फीट रोड स्थित गुरुद्वारे में दोनों की शादी करवा दी गई। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, जिससे विक्रमजीत का भरोसा और मजबूत हुआ। लेकिन कुछ ही दिनों में रेखा का व्यवहार बदलने लगा और घर में तनाव बढ़ने लगा, जिससे साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलने लगीं।

सच्चाई का खुलासा: तलाक हुआ ही नहीं था

जांच में सामने आया कि रेखा का अपने पहले पति से तलाक हुआ ही नहीं था। यह जानकारी सामने आते ही पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि यह एक सोची-समझी योजना थी, जिसमें शादी का झांसा देकर युवक को फंसाया गया और बाद में उसे आर्थिक व मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई।

खौफनाक मोड़: बीमार मां को जहर देने का आरोप

23 जून 2025 को मामला तब और गंभीर हो गया, जब रेखा पर विक्रमजीत की बीमार मां को खिचड़ी में फिनाइल मिलाकर खिलाने का आरोप लगा। खाना खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना केवल धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक साजिश की ओर इशारा करती है।

दुल्हन गायब, साथ ले गई लाखों का सामान

उसी दिन शाम को जब विक्रमजीत घर लौटा, तो रेखा गायब थी। घर की अलमारी खुली मिली और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवर और करीब 30 हजार रुपये नकद भी गायब थे। फोन करने पर पिंकी कौर ने बताया कि रेखा उनके साथ है और वे इसी तरह लोगों को फंसाकर लूट करते हैं। इस खुलासे ने पूरे मामले को संगठित गिरोह की शक्ल दे दी।

माफी का नाटक और फिर धोखे का दूसरा दौर

कुछ समय बाद आरोपी महिलाएं अस्पताल पहुंचीं और माफी मांगते हुए साथ रहने का भरोसा दिलाया। उनके झांसे में आकर विक्रमजीत ने पुलिस में दी गई शिकायत वापस ले ली। लेकिन यह फैसला भारी साबित हुआ—आरोपियों ने फिर अपना रंग बदल लिया और रेखा ने साथ रहने से साफ इनकार कर दिया।

3 लाख की मांग और झूठे केस की धमकी

जनवरी 2026 में आरोपियों ने फिर संपर्क कर 3 लाख रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि वे पहले भी कई लोगों को इसी तरह शिकार बना चुके हैं, जिससे संगठित ठगी गिरोह की आशंका और गहरा गई।

पुलिस से निराशा, अब कोर्ट से न्याय की उम्मीद

पीड़ित ने अरावली विहार थाने और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उसने एसीजेएम कोर्ट नंबर-3 में परिवाद पेश किया। कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है।

समाज के लिए चेतावनी: रिश्तों में भी जरूरी है सतर्कता

अलवर का यह मामला केवल एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। शादी जैसे पवित्र रिश्ते की आड़ में अपराध का बढ़ता चलन नैतिक मूल्यों के पतन को दर्शाता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग रिश्तों को जोड़ते समय केवल भावनाओं में बहने के बजाय सतर्कता और जांच-पड़ताल को भी महत्व दें, ताकि विश्वास की यह डोर यूं टूटने से बच सके।

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