महाभारत की उपमा से सियासी संग्राम: बिहार विधानसभा में बयान पर भड़के तेजस्वी यादव विधानसभा में दिए बयान से उठा विवाद
पटना। बिहार विधानसभा में एक विधायक के बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा में की गई एक टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मामला महाभारत काल के पात्रों से की गई तुलना से जुड़ा हुआ है, जिसे राजद नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है।
लालू यादव को धृतराष्ट्र से जोड़ने के संकेत
विधानसभा में बोलते हुए गायिका से नेता बनीं मैथिली ठाकुर ने अपने वक्तव्य में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव के रिश्ते की तुलना महाभारत काल के धृतराष्ट्र-दुर्योधन संबंध से की। हालांकि उन्होंने किसी का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन ‘2005 से पहले के बिहार’ का जिक्र कर इशारों में पूर्ववर्ती राजद शासन की आलोचना की।
सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव का पलटवार
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विधायक के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति का पूरा ज्ञान होने का भ्रम पाल लेते हैं और बिना विधायिका की बुनियादी समझ के जननायक पर टिप्पणी करने का दुस्साहस कर बैठते हैं। इस बयान को राजद ने अपने नेतृत्व पर सीधा हमला बताया है।
नीतीश कुमार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सत्ता संरक्षण में अव्यवस्था फैल रही है। तेजस्वी के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर निष्क्रियता के कारण आम जनता परेशान है।
सासाराम जहरीली शराब कांड पर सरकार को घेरा
राजद के सोशल मीडिया हैंडल से सासाराम में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए गए। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि शराबबंदी कानून के बावजूद अवैध शराब से मौतों की घटनाएं सामने आ रही हैं और प्रशासन इन मामलों में जिम्मेदारी लेने से बच रहा है। पार्टी ने शराबबंदी के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सियासी बयानबाज़ी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
विधानसभा में दिए गए बयान और उसके बाद तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया से बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज हो गई है। एक ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं इस मुद्दे ने राज्य में राजनीतिक विमर्श को फिर से गरमा दिया है।