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बजट में दिखी महिला सशक्तिकरण की झलक, ‘लखपति दीदी’ को मिलेगा ₹1.5 लाख तक ऋण…

राजस्थान बजट 2026 में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कई अहम घोषणाएं कीं। ‘लखपति दीदी’ अभियान को विस्तार देते हुए महिलाओं के लिए ऋण सीमा बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की बड़ी पहल की गई है। सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल और आईटी सेक्टर से जोड़ने पर भी है।


‘लखपति दीदी’ योजना में बड़ा विस्तार

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि लखपति दीदी श्रेणी की महिलाओं को ब्याज अनुदान पर मिलने वाले ऋण की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख कर दी गई है। इससे स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसाय चलाने वाली महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार का दावा है कि अब तक 16 लाख से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ श्रेणी में शामिल किया जा चुका है। आने वाले समय में इस संख्या को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।


जिला स्तर पर ‘रूरल वूमेन BPO’ की स्थापना

ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने जिला स्तर पर ‘रूरल वूमेन BPO’ स्थापित करने की घोषणा की है। इन केंद्रों की स्थापना और संचालन पर राज्य सरकार ₹100 करोड़ खर्च करेगी।

इस पहल का उद्देश्य यह है कि महिलाओं को शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और वे अपने ही जिले में आईटी और डिजिटल सेवाओं से जुड़ सकें। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।


डिजिटल और आईटी सेक्टर से जुड़ेंगी ग्रामीण महिलाएं

सरकार की योजना केवल ऋण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल स्किल्स और आईटी आधारित कार्यों से जोड़ने की भी है। ‘रूरल वूमेन BPO’ मॉडल के जरिए डेटा प्रोसेसिंग, कस्टमर सपोर्ट और अन्य डिजिटल सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करेगा।


सामाजिक कल्याण से आर्थिक शक्ति तक

राजस्थान बजट 2026 में महिला सशक्तिकरण को केवल सामाजिक पहल के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की रणनीति के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ऋण सीमा में वृद्धि से छोटे उद्यमों को गति मिलेगी, जबकि BPO केंद्रों से स्थायी रोजगार के अवसर बनेंगे।

यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह पहल राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं को नई पहचान और आर्थिक स्थिरता दे सकती है।

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