पैतृक गांव पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, स्मृतियों ने किया भावुक
पति और पुत्रों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि ,छलक पड़े भाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के छह दिवसीय दौरे के तहत गुरुवार को मयूरभंज जिले के अपने पैतृक गांव पहाड़पुर पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान वे भावुक हो गईं। राष्ट्रपति ने अपने दोनों पुत्रों लक्ष्मण और सिपुन की स्मृति में बने एसएलएस मेमोरियल में भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
व्यक्तिगत जीवन में झेली गहरी त्रासदियां
राष्ट्रपति मुर्मू के जीवन में लगातार दुखद घटनाएं घटित हुई हैं। वर्ष 2009 में उनके बेटे लक्ष्मण का निधन हुआ, 2012 में छोटे बेटे सिपुन का देहांत हुआ और 2014 में उनके पति का निधन हो गया। इसी अवधि में उन्होंने अपनी मां और एक भाई को भी खोया। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
एसएलएस मेमोरियल में चल रहा आवासीय विद्यालय
एसएलएस मेमोरियल में एक आवासीय विद्यालय संचालित किया जा रहा है, जहां आदिवासी, वंचित और अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। राष्ट्रपति ने यहां बच्चों की शिक्षा व्यवस्था की जानकारी ली और संस्थान की सराहना की।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार किए पिंडदान और ब्राह्मण भोज
पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रपति ने अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए जाजपुर और पुरी में पिंडदान की धार्मिक रस्में निभाईं। गुरुवार को उन्होंने रायरंगपुर स्थित एक जगन्नाथ मंदिर में हिंदू परंपराओं के अनुसार ब्राह्मण भोज का आयोजन भी किया।
संथाल परंपराओं से जुड़ाव, जाहिरा में की पूजा
राष्ट्रपति ने सिमिलिपाल के जंगली क्षेत्र में स्थित संथाल समुदाय के पवित्र उपासना स्थल ‘जाहिरा’ का दौरा किया। यहां उन्होंने संथाली देवता मारंग बुरु की पूजा-अर्चना की। सुरक्षा में तैनात कमांडो भी ‘जाहिरा’ में प्रवेश से पहले पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नजर आए।
आदिवासी संस्कृति से सजा भव्य स्वागत
राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर अपराह्न करीब 3:30 बजे जशिपुर के पास अनुकूलपुर मैदान में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। वन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया, सांसद नबा चरण माझी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं मौजूद रहीं। कलाकारों ने चांगू और डांथा जैसे पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जबकि छात्रों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराकर राष्ट्रपति का अभिनंदन किया।
सिमिलिपाल में रात्रि विश्राम, जनसंवाद का कार्यक्रम
राष्ट्रपति मुर्मू सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान स्थित गुरुगुडिया फॉरेस्ट बंगले में रात्रि विश्राम करेंगी। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को वह सिमिलिपाल में स्थानीय आदिवासी महिलाओं और युवा समूहों से संवाद करेंगी। इसके अलावा गरीब और वंचित वनवासियों को कंबल वितरित करने के बाद वह भुवनेश्वर लौट जाएंगी।