ईरान में तख्तापलट? रज़ा पहलवी ने ट्रंप को खुश करने वाला नया प्लान पेश किया – साइरस समझौता क्या है?
1. क्राउन प्रिंस ने नया ईरान कैसे बताया
रज़ा पहलवी ने सोशल मीडिया पर रखा ब्लूप्रिंट
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने 15 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी कर नया ईरान बनाने की रूपरेखा पेश की। उन्होंने कहा कि यदि धर्मशाही हटाई जाती है, तो ईरान आतंकवाद और चरमपंथ का विरोध करने वाला, अमेरिका और दुनिया के साथ मित्रतापूर्ण देश बनेगा। उनके अनुसार:
- ईरान का परमाणु सैन्य कार्यक्रम बंद होगा।
- आतंकवादी समूहों को समर्थन तुरंत रोका जाएगा।
- अमेरिका के साथ संबंध बहाल होंगे।
- इज़राइल को मान्यता दी जाएगी और अब्राहम समझौते को साइरस समझौते में बदल दिया जाएगा।
- ईरान विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बनेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहलवी का यह ब्लूप्रिंट ज़्यादातर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को रिझाने के लिए तैयार किया गया प्रतीत होता है।
2. साइरस समझौता क्या है
अब्राहम समझौते का अगला चरण
साइरस समझौता (Cyrus Accord) रज़ा पहलवी द्वारा प्रस्तावित एक रणनीतिक ढांचा है, जिसका लक्ष्य लोकतांत्रिक ईरान और इज़राइल के बीच संबंध स्थापित करना और क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ाना है।
- नाम प्राचीन फारसी राजा साइरस द ग्रेट से लिया गया है।
- अब्राहम समझौते की तरह, यह समझौता ईरान को शांति और सहयोग के घेरे में लाना चाहता है।
- इसका उद्देश्य यहूदियों और फारसियों के ऐतिहासिक सहयोग की भावना को पुनर्स्थापित करना है।
3. ट्रंप ने रज़ा पहलवी के बारे में क्या कहा
अच्छे लगते हैं, लेकिन ईरान में समर्थन कम है
डोनाल्ड ट्रंप ने रज़ा पहलवी के बारे में कहा, “वह बहुत अच्छे लगते हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वह ईरान में कितना समर्थन जुटा पाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी रज़ा पहलवी से मिलने की कोई योजना फिलहाल नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का समर्थन पाने की कोशिश रज़ा पहलवी के नए ईरान के प्लान का मुख्य मकसद हो सकता है।
4. क्या रज़ा पहलवी बस ट्रंप को खुश करना चाहते हैं?
ईरान की जनता के बजाय ट्रंप को अपील
विशेषज्ञों के अनुसार, पहलवी का नया प्लान अमेरिकी दृष्टिकोण से तैयार किया गया है, न कि ईरानी जनता के हित में।
- क्विंसी इंस्टीट्यूट के ट्रिटा पारसी कहते हैं कि पहलवी अमेरिकी सरकार का समर्थन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
- इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के डैनी सिट्रिनोविज का कहना है कि पहलवी ने वीडियो अंग्रेज़ी में बनाया ताकि वह ट्रंप और अमेरिका को प्रभावित कर सकें, न कि ईरानी लोगों को।
- ईरानी सड़कों पर “पहलवी” चिल्लाने का मतलब वास्तविक लोकप्रियता नहीं, बल्कि नाम की मजबूरी है।
नया ईरान, पुरानी चुनौती
रज़ा पहलवी के साइरस समझौते और अमेरिकी समर्थन की कोशिशें एक सियासी संदेश हैं, जो ईरानी जनता के बजाय अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि असली चुनौती ईरान में घर के भीतर समर्थन जुटाने की होगी, न कि सिर्फ सोशल मीडिया या विदेशी नेताओं की राय बदलने की।