अमेरिका में ICE एजेंट की गोली से महिला की मौत, ट्रंप बोले आत्मरक्षा, स्थानीय प्रशासन ने बताया “झूठा नैरेटिव”
अमेरिका के मिनियापोलिस में एक इमिग्रेशन जांच अभियान के दौरान ICE (यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) एजेंट द्वारा चलाई गई गोली से 37 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेडरल एजेंसियां इसे आत्मरक्षा बता रही हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शी इस दावे को खारिज कर स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने अमेरिका में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔹 क्या हुआ उस दिन?
मिनियापोलिस में सुबह की कार्रवाई बनी विवाद की वजह
यह घटना बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे (स्थानीय समय) ईस्ट 34वीं स्ट्रीट और पोर्टलैंड एवेन्यू के पास हुई। पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड को सिर में गोली लगी और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उस वक्त ICE की टीम एक टारगेटेड इमिग्रेशन अभियान चला रही थी।
🔹 फेडरल एजेंसी का दावा
ICE बोला – अधिकारी को कुचलने की कोशिश, इसलिए चली गोली
ICE ने बयान जारी कर कहा कि उनके अधिकारी अभियान के दौरान प्रदर्शनकारियों से घिर गए थे। एजेंसी के मुताबिक, एक महिला ने कथित रूप से वाहन से अधिकारी को कुचलने की कोशिश की, जिसे उन्होंने “घरेलू आतंकवाद जैसा कृत्य” बताया। एजेंसी ने कहा कि उनके एक अधिकारी ने अपनी जान बचाने के लिए गोली चलाई।
🔹 ट्रंप का समर्थन
राष्ट्रपति बोले – एजेंट ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की
घटना का वीडियो देखने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में एजेंट का बचाव किया। उन्होंने कहा कि महिला ने “जानबूझकर और हिंसक तरीके से” अधिकारी को कुचलने की कोशिश की थी, जिसके बाद एजेंट ने आत्मरक्षा में फायर किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि मामला जांच में है, लेकिन ICE एजेंट देश की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं।
🔹 स्थानीय प्रशासन का पलटवार
मेयर बोले – वीडियो में आत्मरक्षा नहीं, यह ‘गलत कहानी’ है
मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने ICE और ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना का वीडियो देखा है और आत्मरक्षा की कहानी तथ्यों से मेल नहीं खाती। मेयर ने इस दावे को “कचरा नैरेटिव” बताते हुए कहा कि जनता को सच्चाई बताना जरूरी है।
🔹 चश्मदीदों की गवाही
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा – कार एजेंटों की ओर नहीं बढ़ी
स्थानीय मीडिया को दिए बयान में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला एक लाल होंडा पायलट कार में बैठी थी। उनके अनुसार, दो एजेंट कार के दोनों ओर खड़े थे और एक एजेंट ड्राइवर साइड का दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एक एजेंट पीछे हटा और ड्राइवर साइड की खिड़की से तीन गोलियां चला दीं। चश्मदीदों का कहना है कि कार एजेंटों की ओर आगे नहीं बढ़ रही थी।
🔹 राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
गवर्नर का आरोप – “प्रोपेगेंडा पर भरोसा न करें”
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ ने भी फेडरल एजेंसियों के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता को “प्रोपेगेंडा मशीन” से सावधान रहना चाहिए और राज्य सरकार इस मामले में “पूर्ण, निष्पक्ष और त्वरित जांच” कराएगी ताकि जवाबदेही तय की जा सके।
कानून, राजनीति और भरोसे की टकराहट
यह घटना केवल एक गोलीबारी का मामला नहीं है, बल्कि यह अमेरिका में इमिग्रेशन प्रवर्तन, पुलिस शक्तियों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाती है। एक तरफ फेडरल एजेंसियां कार्रवाई को आत्मरक्षा बता रही हैं, वहीं स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों के बयान उस दावे पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
वीडियो फुटेज, स्वतंत्र जांच और सार्वजनिक पारदर्शिता इस मामले की दिशा तय करेगी। यदि एजेंट की कार्रवाई अनुचित पाई जाती है तो यह न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं, यह बहस भी तेज होगी कि क्या इमिग्रेशन अभियान के दौरान बल प्रयोग की मौजूदा नीति में बदलाव की जरूरत है।