232 दिन में 17,250 किमी साइकिल यात्रा, 11 नवंबर को बांसवाड़ा लौटेंगे सचिन कलाल
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के युवा सचिन कलाल ने साइकिल से देशभर की यात्रा कर एक मिसाल पेश की है। चिड़ियावासा गांव के सचिन ने 232 दिनों में करीब 17,250 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। अब 11 नवंबर को वह अपने गृह जिले बांसवाड़ा लौटेंगे। सचिन की यह यात्रा फिटनेस और नशामुक्ति का संदेश देने के उद्देश्य से भी जुड़ी है।

मुख्य बातें
- 232 दिन, 17,250 किलोमीटर का सफर! सचिन कलाल की प्रेरणादायक यात्रा
- चार धाम और 13 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, जानिए सचिन कलाल की कहानी
- टेंट में रहकर, खुद खाना बनाकर तय किया हजारों किलोमीटर का सफर
Banswara, 06 NOV. 2026:
आस्था और हौसले के साथ तय किया हजारों किलोमीटर का सफर
बांसवाड़ा के चिड़ियावासा गांव के रहने वाले सचिन कलाल ने साइकिल से अखंड भारत यात्रा का संकल्प लिया। उन्होंने 232 दिनों तक लगातार सफर करते हुए करीब 17,250 किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान मौसम की कठिन परिस्थितियों, लंबी दूरियों और दुर्गम रास्तों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपना सफर जारी रखा। सचिन के लिए यह यात्रा केवल दूरी तय करने का अभियान नहीं रही, बल्कि देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर भी बनी।
चार धाम और 13 ज्योतिर्लिंगों के किए दर्शन
यात्रा के दौरान सचिन ने चार धाम बद्रीनाथ, द्वारकाधीश, रामेश्वरम और जगन्नाथपुरी के दर्शन किए। इसके अलावा उन्होंने 13 ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। उनके सफर में शिरडी साईं बाबा, तिरुपति बालाजी, काशी विश्वनाथ, नेपाल के पशुपतिनाथ और मां पावागढ़ काली के प्रमुख धार्मिक स्थल भी शामिल रहे। इस यात्रा के जरिए सचिन ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को करीब से अनुभव किया।
स्थानीय लोगों की मदद से आगे बढ़ता रहा सफर
एक पुराने साक्षात्कार में सचिन ने बताया था कि यात्रा के दौरान उन्हें लोगों से लगातार सहयोग मिलता रहा। उन्होंने कहा कि भोजन की व्यवस्था वह ज्यादातर खुद खाना बनाकर करते हैं। रहने के लिए उनके पास अपना टेंट है। नेपाल में करीब 25 दिनों तक स्थानीय लोगों ने उनके भोजन और ठहरने की व्यवस्था में मदद की। भारत में भी कई जगह लोगों ने उनका सहयोग किया। सचिन के मुताबिक, लोगों का यह साथ उनकी लंबी यात्रा को आसान बनाने में महत्वपूर्ण रहा।
फिटनेस और नशामुक्ति का संदेश देना है मकसद
सचिन कलाल ने अपनी साइकिल यात्रा का उद्देश्य फिटनेस को बढ़ावा देना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना बताया। उनका मानना है कि नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने हर व्यक्ति को रोजाना करीब 20 किलोमीटर साइकिल चलाने की सलाह दी। साथ ही नशे को शरीर के लिए नुकसानदायक बताते हुए इससे दूर रहने का संदेश दिया। सचिन का कहना है कि यात्रा शुरू करने के बाद उन्होंने खुद को अधिक फिट महसूस किया है।
11 नवंबर को चिड़ियावासा लौटेंगे सचिन
232 दिनों की लंबी यात्रा पूरी करने के बाद सचिन 11 नवंबर को अपने गृह जिले बांसवाड़ा लौटेंगे। उनके आगमन को लेकर परिवार और गांव के लोगों में उत्साह है। हजारों किलोमीटर का सफर तय कर लौट रहे सचिन की यात्रा क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। उनका अभियान यह संदेश देता है कि मजबूत इच्छाशक्ति, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कठिन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
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