बांसवाड़ा दशहरा मेले के टेंडर में नया मोड़, 71 लाख की बोली लगाने वाली फर्म ने नहीं जमा कराई राशि
बांसवाड़ा। बांसवाड़ा के 15 दिवसीय दशहरा मेले के टेंडर को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। सूरत की फर्म वन्दे मातरम एम्यूजमेंट ने 71 लाख 11 हजार रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर टेंडर हासिल किया था, लेकिन निर्धारित राशि जमा कराने के लिए फर्म का प्रोपराइटर नगर परिषद नहीं पहुंचा। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया फिर उलझ गई। अब नगर परिषद के अधिकारी दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे बोलीदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि, गुरुवार देर शाम तक टेंडर को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो पाया था।
दो दिन बाद शुरू होना है दशहरा मेला
बांसवाड़ा में 15 दिवसीय दशहरा मेला नवरात्र के पहले दिन से शुरू होता है। मेले की शुरुआत में अब केवल दो दिन शेष बताए गए हैं, लेकिन टेंडर प्रक्रिया तीन दिन बाद भी पूरी नहीं हो सकी। मंगलवार को शुरू हुई बोली प्रक्रिया के पहले दिन स्थानीय बोलीदाताओं को बाहर किए जाने को लेकर देर रात तक हंगामा हुआ था।इसके बाद बुधवार को सूरत की फर्म वन्दे मातरम एम्यूजमेंट को 71 लाख 11 हजार रुपये में टेंडर देने की जानकारी सामने आई। हालांकि, फर्म की ओर से राशि जमा नहीं कराए जाने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
दूसरे बोलीदाताओं से संपर्क कर रहे अधिकारी
टेंडर प्रक्रिया अटकने के बाद नगर परिषद के अधिकारियों ने गुरुवार को अन्य सफल बोलीदाताओं से संपर्क किया। शाम करीब 7 बजे दो अन्य बोलीदाताओं को बुलाया गया। अधिकारियों ने अजमेर की उस फर्म से भी संपर्क किया, जिसने मंगलवार को सबसे ऊंची बोली लगाई थी।अधिकारियों ने फर्म से अधिक राशि पर टेंडर लेने का अनुरोध किया, लेकिन बोलीदाता ने निर्धारित उच्चतम बोली पर टेंडर लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिषद के सामने मेले का टेंडर समय पर पूरा कराने की चुनौती बनी रही।
नौ फर्मों ने लिया था हिस्सा, छह बाहर हुईं
टेंडर प्रक्रिया में कुल नौ फर्मों ने हिस्सा लिया था। इनमें से छह फर्मों को अलग-अलग कारणों से प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके बाद केवल तीन फर्में ही बोली में शामिल रह गईं।बोली अपेक्षाकृत सीमित रहने और अब सफल बोलीदाता की ओर से राशि जमा नहीं कराने के कारण प्रक्रिया में देरी हुई है। मेले की शुरुआत नजदीक होने से नगर परिषद पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।
पिछले वर्षों में इतनी रही अंतिम बोली
| वर्ष | अंतिम बोली की राशि |
|---|---|
| 2026 | ₹71,11,000 |
| 2025 | ₹84,25,000 |
| 2024 | ₹84,10,000 |
| 2023 | ₹64,00,000 |
| 2022 | ₹48,00,000 |
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की अंतिम बोली पिछले दो वर्षों की तुलना में कम रही। हालांकि, इस बार टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अंतिम राशि और आवंटन को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
दूसरे नंबर के बोलीदाता ने क्या कहा?
दूसरे नंबर पर रहे बोलीदाता जावेद आलम ने बताया कि उन्हें और एक अन्य फर्म को बोली के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वे बोली की राशि और बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। उनके अनुसार, मेले की शुरुआत में कम समय बचा है और अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है।
आयुक्त बोले- समय पर लगेगा मेला
नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने कहा कि मेले के टेंडर की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि टेंडर कम कीमत पर दिए जाने का सवाल नहीं है और मेला निर्धारित समय पर आयोजित होगा।अब नगर परिषद के सामने जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है। देखना होगा कि अधिकारियों और बोलीदाताओं के बीच बातचीत के बाद किस फर्म को जिम्मेदारी मिलती है और मेले की तैयारियां समय पर पूरी हो पाती हैं या नहीं।