RSS का ‘युवा स्पंदन’ कार्यक्रम संपन्न, युवाओं ने लिया विकसित भारत का संकल्प
अलवर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अलवर की ओर से आयोजित ‘युवा स्पंदन’ संवाद कार्यक्रम उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अलवर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख श्री श्याम मनोहर, मुख्य अतिथि डॉ. भूपेंद्र कुमावत और विभाग संघचालक डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण, कौशल विकास और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया।
विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका
मुख्य वक्ता श्री श्याम मनोहर ने कहा कि भारत आज दुनिया में विश्वास और उम्मीद का केंद्र बन रहा है। उन्होंने युवाओं को ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश की प्रगति में युवाशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ विभिन्न देशों को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराईं। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और विश्वास मजबूत हुआ।
परिवार और संस्कारों को बताया चरित्र की नींव
श्री श्याम मनोहर ने परिवार व्यवस्था और संस्कारों के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चे की पहली शिक्षा परिवार से ही शुरू होती है। माता-पिता और बुजुर्गों से मिलने वाले संस्कार उसके व्यक्तित्व और चरित्र की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने युवाओं से मातृभाषा के प्रयोग, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने मातृशक्ति को समाज की सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बताया।
सामाजिक समरसता पर दिया जोर
कार्यक्रम में सामाजिक समरसता का विषय भी प्रमुख रहा। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए वक्ताओं ने समाज में भेदभाव की मानसिकता को समाप्त करने पर जोर दिया। श्री श्याम मनोहर ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके काम के आधार पर ऊंचा या नीचा नहीं समझना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति के श्रम और योगदान का सम्मान करना ही वास्तविक सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं को रील और सोशल मीडिया से बचने की सलाह
युवाओं को केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने की दौड़ तक सीमित नहीं रहने की सलाह दी गई। श्री श्याम मनोहर ने कौशल, तकनीकी दक्षता, नवाचार और रचनात्मकता को वर्तमान समय की जरूरत बताया। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया और रील्स की अनावश्यक लत से बचने तथा अपनी ऊर्जा को आत्मविकास और राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानकर नए कौशल विकसित करने चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण को बताया जिम्मेदारी
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। पंचमहाभूत—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—के संतुलन को बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की बताई गई। युवाओं से दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और संविधान, कानून तथा सामाजिक नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करने की अपील की गई।
युवाओं ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने नए विचार, राष्ट्र विकास, चरित्र निर्माण, कौशल और सेवा के संकल्प के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि युवाशक्ति को सकारात्मक दिशा, कौशल और संस्कारों से जोड़कर ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
मुख्य संदेश:
“नए विचार, राष्ट्र का विकास, चरित्र निर्माण, कौशल और सेवा के संकल्प के साथ युवाशक्ति विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बने।”