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Yamuna Water Project: शेखावाटी की जल क्रांति को रफ्तार, सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय

राजस्थान सरकार ने शेखावाटी की बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को गति देने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। परियोजना के प्रभावी संचालन और क्रियान्वयन के लिए पांच नए कार्यालय खोलने तथा 46 तकनीकी पद सृजित करने की मंजूरी दी गई है। इनमें तीन प्रमुख कार्यालय सीकर में स्थापित होंगे। सरकार का मानना है कि इस कदम से परियोजना के निर्माण कार्य, निगरानी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी, जिससे झुंझुनूं, सीकर और चूरू के लाखों लोगों को भविष्य में पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

सीकर बनेगा परियोजना का संचालन केंद्र

सरकार की स्वीकृति के तहत सीकर में अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर के तीन नए कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दो अधिशासी अभियंता कार्यालय भी खोले जाएंगे। इन कार्यालयों के माध्यम से परियोजना की योजना, तकनीकी निगरानी, निर्माण कार्यों की प्रगति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को स्थानीय स्तर पर संचालित किया जाएगा। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण तक आएगी तेजी

नए कार्यालयों के संचालन से परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), लागत निर्धारण, भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां, यमुना क्षेत्र से जुड़ी अनुमति, निविदाएं और निर्माण सामग्री की खरीद जैसी प्रक्रियाओं में गति आने की संभावना है। अब इन सभी कार्यों की निगरानी अलग-अलग स्तर पर अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी। इससे वर्षों से लंबित परियोजना को तय समयसीमा में आगे बढ़ाने का रास्ता आसान होगा।

46 नए तकनीकी पदों को मिली मंजूरी

यमुना जल परियोजना के लिए सरकार ने कुल 46 नए तकनीकी पद सृजित किए हैं। इनमें अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता जैसे पद शामिल हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संसाधन विभाग के कैडर में शामिल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य परियोजना के प्रत्येक चरण की तकनीकी निगरानी को मजबूत करना और कार्यों के समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करना है। आवश्यकता अनुसार सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए संविदा पर होमगार्ड सेवाएं भी ली जाएंगी।

शेखावाटी के लाखों लोगों को मिलेगी दीर्घकालिक राहत

यमुना जल परियोजना पूरी होने के बाद झुंझुनूं, सीकर और चूरू सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। लंबे समय से गिरते भूजल स्तर और फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या से जूझ रहे लाखों लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही पशुपालन और कृषि क्षेत्र को भी स्थायी जल स्रोत मिलने से किसानों को राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सतही जल उपलब्ध होने से भूजल दोहन में कमी आएगी और क्षेत्र की जल सुरक्षा मजबूत होगी।

अक्टूबर-नवंबर से निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य

जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत पहले ही संकेत दे चुके हैं कि परियोजना का निर्माण कार्य अक्टूबर-नवंबर 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नए कार्यालयों और तकनीकी अमले की मंजूरी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय पर निर्माण कार्य शुरू होकर परियोजना आगे बढ़ती है, तो यह शेखावाटी के जल संकट के समाधान की दिशा में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक साबित हो सकती है और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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