PM मोदी के सामने ऑस्ट्रेलियाई पीएम बोले- ‘भारत को समझना है तो ट्रेन या बस में सफर कीजिए’
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत को लेकर अपना पुराना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को भारत की असली पहचान और वहां के लोगों की गर्मजोशी को समझना है, तो उसे आम लोगों के साथ ट्रेन या बस में सफर करना चाहिए। उन्होंने अपनी 1991 की भारत यात्रा को याद करते हुए भारतीयों की मेहमाननवाजी और अपनापन की सराहना की।
‘भारत को समझना है तो आम लोगों के साथ सफर करें’
अपने संबोधन में एंथनी अल्बनीज ने कहा कि भारत को केवल आधिकारिक दौरों या विशेष व्यवस्थाओं के जरिए पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई भारत की विविधता, संस्कृति और लोगों की आत्मीयता को करीब से महसूस करना चाहता है, तो उसे आम नागरिकों के साथ ट्रेन या बस में यात्रा करनी चाहिए। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया।
1991 की भारत यात्रा का किया जिक्र
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 1991 में वह एक सामान्य यात्री के रूप में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने ट्रेन और बसों में यात्रा की थी, जहां उन्हें भारतीय समाज की सादगी, आत्मीयता और मेहमाननवाजी का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी वह यात्रा उनकी सबसे यादगार विदेश यात्राओं में शामिल है और भारत के प्रति उनका लगाव उसी अनुभव से और गहरा हुआ।
भारतीय समुदाय को बताया ऑस्ट्रेलिया की ताकत
एंथनी अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, व्यापार और कई अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुसार, भारतीय मूल के नागरिक ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक विविधता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
PM मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका पर रखा जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपने संस्कार और सकारात्मक सोच के जरिए समाज को समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का मजबूत आधार बताया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सुरक्षा क्षमता और रक्षा प्रणालियों पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मिल रही नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, आर्थिक सहयोग और साझा रणनीतिक हितों पर भी विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।