पीएम मोदी ने इथियोपिया में संसद में क्यों किया ‘अयोध्या’ और ‘वंदे मातरम’ का जिक्र, जानें पूरी वजह…
इथियोपिया की संसद में भारत का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए दोनों देशों के राष्ट्रीय गीतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और इथियोपिया का राष्ट्रगान, दोनों हमारी मातृभूमि को ‘मां’ के रूप में मानते हैं। ये गीत हमें अपनी विरासत, संस्कृति और मातृभूमि की रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं।
लोकतंत्र और जनभागीदारी पर जोर
पीएम मोदी ने संसद में कहा कि इस शानदार भवन में कानून बनते हैं और जब राज्य की मर्ज़ी लोगों की मर्ज़ी से मिलती है, तो देश में विकास और परियोजनाओं का पहिया तेजी से चलता है। उन्होंने किसानों, उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं को विशेष तौर पर संबोधित करते हुए उनके योगदान और महत्व को सराहा।
अयोध्या और अडिस अबाबा का कनेक्शन
मोदी ने अपने संबोधन में अयोध्या और इथियोपिया की राजधानी अडिस अबाबा के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कनेक्शन को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि चाहे हम कहीं भी हों, भारत में हमेशा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से दुनिया को देखना चाहिए।
घर जैसा अनुभव और वैश्विक दृष्टिकोण
पीएम मोदी ने इथियोपिया आकर खुद को घर जैसा महसूस किया। उन्होंने कहा कि भारत में उनका गृह प्रदेश शेरों का घर है और अब वे लोकतंत्र के इस मंदिर में खड़े होकर भविष्य के निर्माण में योगदान देने वाले युवाओं और नागरिकों के साथ संवाद कर रहे हैं।
मोदी का यह संबोधन सांस्कृतिक कूटनीति का एक उदाहरण है। ‘वंदे मातरम’ और अयोध्या का जिक्र केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक दृष्टिकोण और संस्कृति के प्रति गर्व को दर्शाता है। साथ ही यह संदेश देता है कि लोकतंत्र, मातृभूमि और वैश्विक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।