भाजपा कार्यकर्ता तारेंद्र बंछोर की संदिग्ध आत्महत्या से गांव में शोक, पुलिस जांच में जुटी
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सेलूद गांव में भाजपा कार्यकर्ता और सामाजिक रूप से सक्रिय रहे तारेंद्र बंछोर की मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। उनका शव गांव के एक शिव मंदिर परिसर में मिला, जिसके बाद परिजनों, ग्रामीणों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में कई सवाल उठ रहे हैं और लोग इस दुखद कदम के पीछे की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
मंदिर परिसर में मिला शव, गांव में फैली शोक की लहर
मंगलवार सुबह ग्रामीणों को मंदिर परिसर में तारेंद्र बंछोर का शव मिलने की सूचना मिली। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि तारेंद्र सामाजिक गतिविधियों में हमेशा सक्रिय रहते थे और उनकी पहचान एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में थी।
जिस मंदिर के निर्माण में निभाई भूमिका, वहीं मिला अंतिम ठिकाना
ग्रामीणों के अनुसार तारेंद्र बंछोर ने अपने सार्वजनिक जीवन के दौरान गांव के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वर्ष 2005 में उपसरपंच रहने के दौरान उन्होंने गांव के शिव मंदिर के निर्माण और आसपास के क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि मंदिर परिसर में उनका शव मिलने की घटना ने लोगों को भावुक कर दिया। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि वे धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और क्षेत्र में उनकी सकारात्मक छवि थी।
बीमारी से जूझ रहे थे, स्वास्थ्य को लेकर थे चिंतित
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक तारेंद्र पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। उन्हें पेट से जुड़ी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की भी जानकारी सामने आई थी। हालांकि इलाज के बाद वे घर लौट आए थे, लेकिन उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर परिवार चिंतित था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का इस घटना से कोई संबंध है।
सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में थी सक्रिय पहचान
तारेंद्र बंछोर भाजपा से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता माने जाते थे और क्षेत्रीय राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेते थे। इसके अलावा वे शिक्षा और सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े हुए थे। गांव के कई सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे हमेशा समाजहित के कार्यों में आगे रहते थे और युवाओं को शिक्षा तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करते थे। उनकी अचानक मौत से सामाजिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में शोक का माहौल है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों, परिचितों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है ताकि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझा जा सके। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।