G7 मंच पर भारत की मौजूदगी नई वैश्विक व्यवस्था का संकेत: कनाडा PM
G7 शिखर सम्मेलन से पहले कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney के बयान ने वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को एक बार फिर रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि G7 मंच पर भारत की मौजूदगी यह दर्शाती है कि दुनिया अब एक नई और अधिक बहुध्रुवीय (multipolar) व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां बड़े निर्णय सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रह गए हैं।
भारत की भागीदारी पर कनाडा पीएम का बड़ा बयान
Mark Carney ने कहा कि G7 में भारत जैसे देशों की भागीदारी यह साबित करती है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान अब केवल पारंपरिक शक्तियों के भरोसे नहीं हो सकता। उनके अनुसार, दुनिया की बदलती परिस्थितियों में व्यापक सहयोग और विविध दृष्टिकोण जरूरी हो गए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि G7 अब पहले की तरह वैश्विक मामलों पर एकतरफा प्रभाव नहीं रखता।
G7 का बदलता स्वरूप और नई वैश्विक व्यवस्था
इस साल फ्रांस में आयोजित हो रहे G7 Summit 2026 में भारत सहित कई साझेदार देशों को आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य ढांचा, यूक्रेन और मध्य पूर्व के संघर्ष तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गवर्नेंस जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव वैश्विक शक्ति संतुलन के पुनर्गठन की ओर इशारा करता है।
भारत, ब्राज़ील और अन्य देशों की बढ़ती भूमिका
कनाडा पीएम के अनुसार, भारत, ब्राज़ील, मिस्र, केन्या और खाड़ी देशों जैसे साझेदार देशों की मौजूदगी G7 चर्चाओं को अधिक व्यापक और संतुलित बनाती है। इन देशों की भागीदारी वैश्विक समस्याओं पर नए समाधान और व्यावहारिक दृष्टिकोण देने में मदद करती है। यह भी संकेत मिलता है कि भविष्य में वैश्विक नीति निर्माण अधिक समावेशी हो सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सुरक्षा पर चिंता
Mark Carney ने AI तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फिलहाल कई जगह बिना स्पष्ट नियमों के विकसित हो रहा है, जो भविष्य में वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। G7 में इस पर साझा अंतरराष्ट्रीय मानकों की जरूरत पर जोर दिए जाने की संभावना है।
G7 में शामिल प्रमुख नेता
इस शिखर सम्मेलन में कई वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और इटली के नेता शामिल हैं। साथ ही भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi, ब्राज़ील और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के प्रतिनिधि भी आमंत्रित हैं। यूरोपीय संघ की ओर से भी शीर्ष नेतृत्व सम्मेलन में भाग ले रहा है।