अमेरिका करेगा पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट अपग्रेड, 686 मिलियन डॉलर की डील पर आगे बढ़ा काम
पाकिस्तान ने पुष्टि की है कि उसकी वायु सेना के F-16 लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण को लेकर अमेरिका के साथ सहयोग तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है। 686 मिलियन डॉलर के इस अपग्रेड कार्यक्रम को पहले ही अमेरिकी प्रशासन से मंजूरी मिल चुकी है। इस घटनाक्रम को दक्षिण एशिया की सुरक्षा और क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तान ने साझेदारी की पुष्टि की
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों का अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि F-16 अपग्रेड कार्यक्रम पर दोनों देशों के बीच सहयोग सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने इस परियोजना की डिलीवरी या समयसीमा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और कहा कि इससे जुड़े तकनीकी प्रश्नों का जवाब रक्षा मंत्रालय देगा।
686 मिलियन डॉलर के अपग्रेड कार्यक्रम में क्या होगा?
अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पाकिस्तान के F-16 बेड़े के लिए लगभग 686 मिलियन डॉलर के अपग्रेड पैकेज को मंजूरी दी थी। इस कार्यक्रम के तहत लड़ाकू विमानों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके अलावा एडवांस Identification Friend or Foe (IFF) प्रणाली भी शामिल होगी, जिससे पायलट अपने और दूसरे विमानों की पहचान अधिक सटीक तरीके से कर सकेंगे। इसका उद्देश्य विमानों की परिचालन क्षमता और सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
पाकिस्तान के पास कितने F-16 विमान हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान वायु सेना के पास वर्तमान में लगभग 70 से 80 परिचालन F-16 लड़ाकू विमान हैं। इनमें पुराने ब्लॉक-15 मॉडल के उन्नत संस्करण, जॉर्डन से प्राप्त F-16 और अपेक्षाकृत आधुनिक ब्लॉक-52+ विमान शामिल हैं। इन विमानों को पाकिस्तान अपनी वायु रक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है और समय-समय पर इनके रखरखाव एवं आधुनिकीकरण पर काम करता रहा है।
डील में शामिल हैं अतिरिक्त रक्षा उपकरण
अपग्रेड पैकेज के अलावा अमेरिका ने पाकिस्तान को कुछ अतिरिक्त रक्षा उपकरणों की बिक्री को भी मंजूरी दी है। इनमें लगभग 92 Link-16 Tactical Data Link Systems शामिल हैं, जो सैन्य विमानों, जहाजों और जमीनी बलों के बीच सुरक्षित और रियल-टाइम डेटा साझा करने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त छह Mk-82 Inert 500-पाउंड बम बॉडी भी पैकेज का हिस्सा हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से प्रशिक्षण और परीक्षण उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर रहेगी नजर
भारत और पाकिस्तान के बीच समय-समय पर सुरक्षा संबंधी तनाव की स्थिति बनती रही है। ऐसे में पाकिस्तान के F-16 बेड़े के आधुनिकीकरण को क्षेत्रीय सामरिक परिदृश्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस डील को लेकर अमेरिका का आधिकारिक रुख यह रहा है कि इसका उद्देश्य पाकिस्तान के मौजूदा F-16 बेड़े के रखरखाव और परिचालन क्षमता को बनाए रखना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के रक्षा सहयोग पर क्षेत्र के सभी प्रमुख देश नजर बनाए रखेंगे