80वें जन्मदिन पर ट्रंप बोले- आज समझौता, ईरान बोला- नहीं
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के संभावित परमाणु समझौते को लेकर बड़ा राजनीतिक टकराव सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 80वें जन्मदिन पर दावा किया कि दोनों देशों के बीच आज डील पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जबकि ईरान ने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है, जहां वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दांव पर है।
ट्रंप का बड़ा दावा और डील की शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौता ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा। उन्होंने इसे 2015 के ओबामा-कालीन परमाणु समझौते से अलग बताया और दावा किया कि इस बार कोई वित्तीय भुगतान शामिल नहीं होगा। ट्रंप के अनुसार ईरान अब परमाणु हथियार विकसित करने की इच्छा नहीं रखता और भविष्य में भी इससे दूर रहेगा। उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल बढ़ा दी है।
ईरान का पलटवार और वार्ता पर स्थिति
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने स्पष्ट किया कि 14 जून को किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी रह सकती है, लेकिन इसके लिए उचित समय का इंतजार करना होगा। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे अंतरिम प्रक्रिया बताया और कहा कि यह अंतिम परमाणु समझौता नहीं होगा। ईरान ने जेनेवा में किसी तत्काल डील की संभावना को भी खारिज कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक चिंता
इस पूरे घटनाक्रम के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। यह दुनिया की तेल और एलएनजी आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। किसी भी प्रकार की अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है, इसलिए भारत समेत कई देश स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार प्रस्तावित योजना में संवर्धित यूरेनियम को बाहर ले जाकर नष्ट करने का प्रावधान भी शामिल हो सकता है।
मध्य-पूर्व तनाव और अन्य घटनाक्रम
इसी बीच क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ा हुआ है। इजरायल ने दक्षिण लेबनान में कार्रवाई करते हुए सात हिजबुल्लाह लड़ाकों को मारने का दावा किया है। वहीं यूएई और ईरान के बीच कथित 10 अरब डॉलर की डील को लेकर भी विवाद सामने आया है, जिसे यूएई ने खारिज कर दिया है। इन सभी घटनाओं के बीच ट्रंप ने कूटनीति विफल होने पर अन्य विकल्पों की चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका बेहतर संबंधों की उम्मीद रखता है।