रीट विवाद पर सियासी संग्राम: डोटासरा का पलटवार, कृषि विभाग के कथित घोटाले की जांच और नार्को टेस्ट की चुनौती
रीट-2021 पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा जांच की मांग उठाए जाने के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पलटवार करते हुए भाजपा सरकार पर राजनीतिक द्वेष का आरोप लगाया। डोटासरा ने कृषि विभाग में कथित 500 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की मांग करते हुए किरोड़ी लाल मीणा के नार्को टेस्ट की चुनौती भी दी। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
डोटासरा ने भाजपा पर लगाए राजनीतिक द्वेष के आरोप
रीट-2021 पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुए नए राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लंबे समय से राजनीतिक कारणों से उनके खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी जांच में आरोप साबित नहीं हो सके। डोटासरा ने सोशल मीडिया और मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके खिलाफ ठोस सबूत होते तो अब तक कानूनी कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया।
नार्को टेस्ट कराने की खुली चुनौती
डोटासरा ने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है तो केवल एक पक्ष नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भी नार्को टेस्ट की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ जाएगी। डोटासरा ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच होगी तो जनता के सामने स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितना तथ्य है और कौन सही है।
कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कृषि विभाग में कथित 500 करोड़ रुपये के घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है तो इस मामले की भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। डोटासरा ने कहा कि बड़े आर्थिक मामलों की जांच किए बिना केवल विपक्ष पर आरोप लगाना उचित नहीं है। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक जांच का कोई निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में यह मामला फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के दायरे में बना हुआ है।
किरोड़ी लाल मीणा के पत्र से बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल ही में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर रीट-2021 पेपर लीक मामले की व्यापक जांच की मांग की थी। पत्र में पूर्व मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई लोगों के नामों का उल्लेख किए जाने और कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराने का दावा किया गया। पत्र में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया, पेपर प्रिंटिंग और कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। इसी पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की राजनीति में यह विवाद और तेज हो गया तथा दोनों दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो गई।
परीक्षा सुधारों पर भी जारी है राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा
रीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर देशभर में बहस जारी है। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से परीक्षा सुधार संबंधी विधेयक संसद में पेश किया है। प्रस्तावित प्रावधानों में परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए कड़ी सजा, भारी जुर्माना, समयबद्ध ट्रायल और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि विपक्ष परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठा रहा है।
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