NEET प्रदर्शन मामलों में दिल्ली सरकार की राहत, लेकिन आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर कार्रवाई रहेगी जारी
दिल्ली सरकार ने NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल निर्दोष छात्रों और नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामलों को बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जिन पर हिंसा जैसे गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में NEET-UG परीक्षा के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में राहत देने का निर्णय लिया है। सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण दर्ज मामलों में निर्दोष छात्रों और नागरिकों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले से उन युवाओं को राहत मिलेगी, जिन पर केवल विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
कुल 13 मामलों पर लिया गया निर्णय
गृह विभाग के अनुसार, NEET-UG विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने कुल 13 मामले दर्ज किए थे। सरकार ने इन मामलों की समीक्षा के बाद फैसला लिया है कि जिन लोगों की भूमिका केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक सीमित थी, उनके खिलाफ आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य ऐसे छात्रों और नागरिकों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत देना है, जो किसी हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं थे। हालांकि, प्रत्येक मामले का परीक्षण कानूनी मानकों के आधार पर किया जाएगा।
किन लोगों को नहीं मिलेगी राहत?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत सभी प्रदर्शनकारियों पर लागू नहीं होगी। जिन लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है या जिन पर हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने अथवा अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार जांच और न्यायिक प्रक्रिया चलती रहेगी। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद फैसला
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा था कि केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा जारी रखना उचित नहीं है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को ऐसे मामलों की समीक्षा कर निर्दोष प्रदर्शनकारियों को राहत देने पर विचार करने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि हिंसा या अन्य गंभीर आपराधिक कृत्यों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जानी चाहिए। इसी दिशा में सरकार ने अब औपचारिक निर्णय लागू किया है।
इसे भी पढ़ें – बांकीपुर मतदान के बीच वायरल वीडियो से सियासत गरम, महिला ने वोट के लिए दबाव और धमकी का लगाया आरोप