वेनेज़ुएला में अमेरिकी एयरस्ट्राइक, 50 लाख डॉलर के इनामी गैंग सरगना नीनो गुरेरो के मारे जाने का दावा
अमेरिका ने वेनेज़ुएला में एक विशेष सैन्य अभियान चलाकर कुख्यात ट्रांसनेशनल गैंग ‘ट्रेन डी अरागुआ’ के प्रमुख हेक्टर रस्टहेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुरेरो को मार गिराने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताया। बताया जा रहा है कि गुरेरो पर अमेरिका ने 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था।
ट्रंप के निर्देश पर साउथर्न कमांड ने की कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड ने वेनेज़ुएला में लक्षित अभियान चलाया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ऑपरेशन का वीडियो साझा करते हुए कहा कि नीनो गुरेरो लंबे समय से अमेरिका और उसके नागरिकों के लिए खतरा बना हुआ था। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई बेहद सटीक और तेज़ तरीके से की गई। ट्रंप ने अपने बयान में पूर्व प्रशासन की सीमा सुरक्षा नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार अपराधी गिरोहों के खिलाफ कड़ी नीति अपना रही है।
ट्रेन डी अरागुआ को अमेरिका ने माना बड़ा आपराधिक नेटवर्क
ट्रंप ने अपने बयान में ट्रेन डी अरागुआ को दुनिया के सबसे खतरनाक संगठित अपराध नेटवर्कों में से एक बताया। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि यह गिरोह हत्या, मानव तस्करी, ड्रग्स तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। ट्रंप ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उन्होंने इस संगठन के खिलाफ सख्त कदम उठाने का वादा किया था और अब अमेरिका ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
वेनेज़ुएला में सहयोगी तत्वों के साथ चलाया गया ऑपरेशन
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक यह कार्रवाई वेनेज़ुएला में मौजूद सहयोगी पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर की गई। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन के बाद ट्रेन डी अरागुआ के सदस्यों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दुनिया के किसी भी हिस्से में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता रखता है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
50 लाख डॉलर का इनामी अपराधी था नीनो गुरेरो
हेक्टर रस्टहेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुरेरो अमेरिका की वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था। उस पर पांच मिलियन डॉलर यानी करीब 47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अमेरिकी एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसे ट्रेन डी अरागुआ नेटवर्क का प्रमुख चेहरा माना जाता था और उसके खिलाफ कई अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे।