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Udaipur Cricketer Karan Singh Ranawat: डेब्यू मैच में 203 रन, जानिए कौन हैं करण सिंह राणावत

उदयपुर के युवा बल्लेबाज करण सिंह राणावत ने बीसीसीआई की कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में 203 रन की शानदार पारी खेली। हिमाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 292 गेंदों पर 17 चौके और 3 छक्के लगाए। करीब तीन साल तक टीम में अवसर के लिए संघर्ष करने के बाद करण ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। अब उनका लक्ष्य राजस्थान की सीनियर टीम में जगह बनाना और रणजी ट्रॉफी खेलना है। उनका सपना भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होना भी है।

उदयपुर के करण सिंह राणावत ने डेब्यू मैच में जड़ा दोहरा शतक

उदयपुर के युवा क्रिकेटर करण सिंह राणावत ने कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया है। हिमाचल प्रदेश के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 203 रन बनाए। उनकी पारी ने राजस्थान की टीम को पहली पारी में 488 रन तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।करण ने 292 गेंदों का सामना करते हुए 17 चौके और 3 छक्के लगाए। उन्होंने पारी के दौरान धैर्य और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच संतुलन बनाए रखा। डेब्यू मुकाबले में दोहरा शतक लगाना उनके क्रिकेट करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

सेक्टर-14 निवासी हैं करण सिंह राणावत

करण सिंह राणावत उदयपुर के सेक्टर-14 के निवासी हैं। उनके पिता सरदार सिंह राणावत रेस्टोरेंट संचालक हैं। करण करीब 11 साल से क्रिकेट खेल रहे हैं। उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत पार्क में दोस्तों के साथ खेलने से हुई थी।उनके दोस्त प्रखर ने उन्हें क्रिकेट एकेडमी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद करण ने वंडर क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। यहां कोच मनोज चौधरी और नरेंद्र चनाल के मार्गदर्शन में उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। उनके बड़े भाई पुष्पेंद्र सिंह राणावत भी उनके लिए प्रेरणा रहे हैं।

तीन साल के संघर्ष के बाद मिला बड़ा मौका

करण के लिए यह दोहरा शतक लंबे इंतजार और मेहनत का परिणाम है। वह राजस्थान की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 टीमों के लिए खेल चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार अवसर नहीं मिल पा रहे थे।पिछले तीन साल से वह टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। अच्छे प्रदर्शन के बाद भी अवसर नहीं मिलने से निराशा हुई, लेकिन उन्होंने अभ्यास जारी रखा। इस साल उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में सुधार पर विशेष ध्यान दिया। इसका परिणाम डेब्यू मैच में ही देखने को मिला।

140 रन पर दो विकेट गिरने के बाद संभाली पारी

हिमाचल प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में करण उस समय बल्लेबाजी के लिए उतरे, जब राजस्थान का स्कोर दो विकेट पर 140 रन था। उन्होंने एक छोर संभालते हुए पारी को आगे बढ़ाया।करण ने लंबी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में मदद की। उनकी 203 रन की पारी में 17 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने उनकी तकनीक, धैर्य और बड़ी पारी खेलने की क्षमता को सामने रखा।राजस्थान की पहली पारी 488 रन पर पहुंची। करण के लिए यह प्रदर्शन आगे के मुकाबलों में अपनी जगह मजबूत करने का अवसर भी बन सकता है।

तकनीक पर काम, लक्ष्य रणजी ट्रॉफी और टीम इंडिया

करण सिंह राणावत बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। वह अपनी बल्लेबाजी तकनीक को और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। डेब्यू मैच में दोहरा शतक लगाने के बावजूद वह इसे मंजिल नहीं, बल्कि अपने सफर की शुरुआत मानते हैं।उनका पहला लक्ष्य राजस्थान की सीनियर टीम में जगह बनाना और रणजी ट्रॉफी खेलना है। इसके बाद वह भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने का सपना पूरा करना चाहते हैं। आने वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन और निरंतरता उनके क्रिकेट करियर के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

उदयपुर के क्रिकेट जगत में खुशी का माहौल

करण की इस उपलब्धि से उदयपुर के क्रिकेट जगत में उत्साह है। पार्क में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने से शुरू हुआ उनका सफर अब राज्य स्तर के महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में दोहरे शतक तक पहुंच गया है।करीब 11 साल की मेहनत और तीन साल के संघर्ष के बाद मिला यह अवसर उनके लिए खास है। अब उनकी नजर आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन जारी रखने और बड़े स्तर पर अपनी पहचान बनाने पर रहेगी।

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Stv News Rajasthan

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