Alwar Credit Card Fraud: अलवर में 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप, पति-पत्नी समेत अन्य पर FIR
अलवर में क्रेडिट कार्ड से 92.19 लाख रुपये खर्च करने और भुगतान बंद करने के आरोप में पति-पत्नी समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। परिवादी अनूप कुमार छाबड़ा ने 10 लाख रुपये अतिरिक्त लेने का भी आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर अरावली विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस अब क्रेडिट कार्ड से हुए लेनदेन, बकाया राशि और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मामला
अलवर में क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल और भुगतान नहीं करने से जुड़ा मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर अरावली विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें काला कुआं के साउथ वेस्ट ब्लॉक निवासी हेमंत गुप्ता, उनकी पत्नी श्वेता खंडेलवाल और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।परिवादी अनूप कुमार छाबड़ा ने आरोप लगाया है कि क्रेडिट कार्ड के जरिए बड़ी रकम इस्तेमाल करने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। शिकायत में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
कारोबार के लिए क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का दिया प्रस्ताव
परिवादी के अनुसार, वर्ष 2020 में हेमंत गुप्ता ने कारोबार के लिए क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि हेमंत ने भरोसा दिलाया कि कार्ड से खर्च की गई रकम का भुगतान समय पर किया जाएगा। इसके बदले कार्ड उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को एक प्रतिशत लाभ देने की बात भी कही गई थी।शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में भुगतान नियमित रूप से मिलने लगा। इससे परिवादी का भरोसा बढ़ा। इसके बाद उसने अपने क्रेडिट कार्ड के साथ मित्रों, परिवारजनों और स्टाफ के लोगों के कार्ड भी इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा दिए।
अलग-अलग क्रेडिट कार्ड से 92.19 लाख रुपये इस्तेमाल करने का आरोप
परिवादी का आरोप है कि अलग-अलग क्रेडिट कार्डों के माध्यम से कुल 92.19 लाख रुपये खर्च किए गए। शुरुआत में भुगतान मिलने के कारण उसे उम्मीद थी कि आगे भी बकाया रकम समय पर चुका दी जाएगी।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हेमंत गुप्ता ने अपनी पत्नी के इलाज का हवाला देकर परिवादी से ऑनलाइन माध्यम से 10 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। इस तरह क्रेडिट कार्ड से इस्तेमाल की गई राशि के अलावा अतिरिक्त रकम लेने का भी आरोप लगाया गया है।
जुलाई 2026 से भुगतान बंद होने का दावा
अनूप कुमार छाबड़ा के अनुसार, जुलाई 2026 से क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का भुगतान बंद हो गया। इसके बाद बैंकों की ओर से बकाया चुकाने के लिए दबाव बढ़ने लगा।परिवादी का कहना है कि क्रेडिट कार्डों की न्यूनतम बकाया राशि के रूप में उसे खुद करीब पांच लाख रुपये तक चुकाने पड़े। आरोप है कि जब उसने इस्तेमाल की गई रकम वापस मांगी, तो उसे टालमटोल भरे जवाब मिलने लगे।शिकायत के मुताबिक, बाद में आरोपियों के मोबाइल फोन बंद मिले। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी परिवार सहित अपने निजी निवास से चले गए। इन परिस्थितियों और बकाया रकम से जुड़े तथ्यों की जांच अब पुलिस करेगी।
पुलिस जांच में लेनदेन और दस्तावेजों की होगी पड़ताल
रकम वापस नहीं मिलने के बाद परिवादी ने अदालत का रुख किया। अदालत के आदेश पर अरावली विहार थाने में हेमंत गुप्ता, श्वेता खंडेलवाल और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।जांच में क्रेडिट कार्ड से हुए लेनदेन, बैंकों की बकाया राशि, ऑनलाइन ट्रांसफर और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। पुलिस को यह भी जांचना होगा कि रकम किस आधार पर खर्च की गई और भुगतान बंद होने की परिस्थितियां क्या थीं।फिलहाल मामला परिवादी की शिकायत पर आधारित है। आरोपियों की भूमिका और जिम्मेदारी जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।