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पैर गंवाने के बाद भी नहीं मानी हार, 20 साल के रुद्रांश को मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर के पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल को वर्ष 2025 के अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। खेल मंत्रालय की ओर से घोषित सूची में 17 खिलाड़ियों को इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। रुद्रांश राजस्थान से इस सूची में शामिल एकमात्र खिलाड़ी हैं। महज 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने पैरा शूटिंग में देश के लिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। 2024 पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले रुद्रांश की कहानी संघर्ष, हौसले और सफलता की मिसाल है।

हादसे में गंवाया पैर, लेकिन हौसला नहीं

रुद्रांश खंडेलवाल की जिंदगी में वर्ष 2015 में बड़ा हादसा हुआ। शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी की दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा। इस हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी, लेकिन रुद्रांश ने हार मानने के बजाय नई शुरुआत की। परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

एयर पिस्टल शूटिंग को बनाया अपना लक्ष्य

हादसे के बाद रुद्रांश ने पैरा शूटिंग को अपना लक्ष्य बनाया। शुरुआत में उन्होंने राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक जीतना शुरू किया। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने सफलता हासिल की। शुरुआती दौर में भारतीय टीम के लिए जरूरी स्कोर हासिल करने में उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया।

2024 पैरा वर्ल्ड कप में जीता गोल्ड

रुद्रांश की मेहनत का परिणाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देखने को मिला। उन्होंने 2024 पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। एयर पिस्टल शूटिंग में वह अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उनके नाम दर्जनों पदक बताए जाते हैं, जो उनकी निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।

भरतपुर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

रुद्रांश को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना जाना भरतपुर के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भरतपुर से किसी खिलाड़ी को पहली बार अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है। इससे पहले शहर के पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी कृष्णा नागर को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी रुद्रांश की कहानी

रुद्रांश खंडेलवाल की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी है। एक पैर गंवाने के बाद उन्होंने खेल को अपना माध्यम बनाया और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। अब अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयन उनके संघर्ष और उपलब्धियों को देश के सर्वोच्च खेल सम्मानों में से एक के जरिए सम्मानित करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है।

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Stv News Rajasthan

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