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ट्विशा शर्मा डेथ केस: पूर्व जज और बेटे की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ी, CBI जांच जारी

ट्विशा शर्मा मौत मामले में अदालत से बड़ा अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने आरोपी पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और कई गवाहों से पूछताछ व अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच बाकी है। इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।

CBI की दलील के बाद बढ़ी न्यायिक हिरासत

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि जांच अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। एजेंसी के अनुसार कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं और कुछ अहम तथ्यों की पुष्टि भी की जानी है। CBI ने अदालत से अनुरोध किया कि जांच पूरी होने तक आरोपियों को न्यायिक हिरासत में ही रखा जाए। अदालत ने एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी। इससे पहले भी अदालत 14 जुलाई को उनकी हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा चुकी थी।

12 मई को हुई थी ट्विशा शर्मा की मौत

यह मामला 12 मई की रात का है, जब भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा मृत पाई गई थीं। घटना के बाद मामले ने व्यापक चर्चा बटोरी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी गई। एजेंसी तब से लगातार घटनास्थल, दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर नई दिल्ली स्थित AIIMS के मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फोरेंसिक राय सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी है। जांच के दौरान कथित लिगेचर मटेरियल, यानी फांसी में इस्तेमाल होने का दावा की गई जिमनास्टिक बेल्ट की भी वैज्ञानिक जांच की गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार फोरेंसिक परीक्षण में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, लेकिन मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इस रिपोर्ट को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

जांच जारी, अगली सुनवाई पर सभी की नजर

CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और सभी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। एजेंसी गवाहों के बयान, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। दूसरी ओर, अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपी 11 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। अब इस बहुचर्चित मामले में अगली सुनवाई, CBI की प्रगति रिपोर्ट और फोरेंसिक निष्कर्षों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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