कालीघाट मंदिर में मछली भोग खाते दिखे शुभेंदु अधिकारी, BJP बोली- खत्म हो मांसाहार पर विवाद
खबर का सारांश
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कालीघाट मंदिर में मछली का भोग ग्रहण करते हुए वीडियो सामने आया है। यह मामला ऐसे समय सामने आया, जब राज्य में धार्मिक स्थलों के आसपास मांसाहारी भोजन को लेकर बहस चल रही है। अधिकारी 10 सितंबर को कौशिकी अमावस्या के अवसर पर कालीघाट मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मंदिर की परंपरा के अनुसार मछली का भोग ग्रहण किया। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने मांसाहारी और शाकाहारी भोजन को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने की बात कही।
कालीघाट मंदिर में मछली भोग ग्रहण करते दिखे CM
शुभेंदु अधिकारी गुरुवार शाम कालीघाट मंदिर पहुंचे थे। यह दिन शाक्त परंपरा में महत्वपूर्ण माने जाने वाले कौशिकी अमावस्या का अवसर था। सामने आए वीडियो में वह मंदिर परिसर में जमीन पर बैठकर भोग ग्रहण करते नजर आ रहे हैं। उनकी थाली में मछली का सिर, फ्राई की हुई मछली और बासंती पुलाव दिखाई दे रहा है।
कालीघाट मंदिर में देवी काली को मछली और बकरे के मांस का भोग लगाने की परंपरा बताई जाती है। इसके बाद भोग को श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के तौर पर वितरित किया जाता है।
बंगाल की परंपरा से जुड़ा है मछली का भोग
पश्चिम बंगाल में मछली को खान-पान और कई स्थानीय धार्मिक परंपराओं का हिस्सा माना जाता है। कालीघाट में भी मछली के भोग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में मंदिर में मछली का भोग ग्रहण करना वहां की धार्मिक परंपरा से जुड़ा विषय है।
हालांकि, दूसरे राज्यों में धार्मिक स्थलों पर मांसाहारी भोजन को लेकर अलग सामाजिक और धार्मिक मान्यताएं देखने को मिलती हैं। इसी अंतर के कारण यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन जाता है।
BJP प्रवक्ता ने कहा- विवाद खत्म होना चाहिए
शुभेंदु अधिकारी के वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद को अब वहीं खत्म कर देना चाहिए, जहां इसे खत्म होना चाहिए।
भंडारी के अनुसार, कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की आस्था, परंपराओं और जीवनशैली का सम्मान करते हुए मां काली के पारंपरिक मछली भोग में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल की परंपराओं और राज्य के हितों के पक्ष में खड़ी रहेगी।
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के बाद बढ़ी बहस
दरअसल, यह मामला बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हालिया टिप्पणी के बाद चर्चा में आया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों और देवी की प्रतिमाओं के आसपास मांसाहारी भोजन बनाने और खाने को लेकर आपत्ति जताई थी।
उनकी टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल में मांसाहारी भोजन और धार्मिक परंपराओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। इसी बीच कालीघाट मंदिर में शुभेंदु अधिकारी के मछली भोग ग्रहण करने का वीडियो सामने आया।
धार्मिक परंपरा और राजनीति के बीच मुद्दा
कालीघाट का मामला एक बार फिर यह सवाल सामने लाता है कि अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक और खान-पान की परंपराओं को किस तरह देखा जाए। पश्चिम बंगाल में मछली कई सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी है। वहीं देश के दूसरे हिस्सों में धार्मिक आयोजनों के दौरान भोजन को लेकर अलग मान्यताएं हैं।
ऐसे में शुभेंदु अधिकारी का कालीघाट में पारंपरिक भोग ग्रहण करना अब राजनीतिक बयानबाजी के बीच चर्चा का विषय बन गया है।