हरिद्वार से लौटते कांवड़ियों पर मौत बनकर टूटा ट्रक, अलवर के तीन श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत
हरिद्वार से कांवड़ का पवित्र जल लेकर लौट रहे अलवर के श्रद्धालुओं की यात्रा उत्तर प्रदेश के मोदीनगर में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार स्क्रैप से भरे ट्रक की टक्कर में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। हादसे ने अलवर के कलगांव में मातम फैला दिया, जहां श्रद्धा की यात्रा तीन परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गई।
मोदीनगर में भीषण सड़क हादसा, श्रद्धा की यात्रा मातम में बदली
अलवर जिले के शाहबाद क्षेत्र के कलगांव से हरिद्वार कांवड़ लेने गए श्रद्धालुओं का जत्था उत्तर प्रदेश के मोदीनगर के पास एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार श्रद्धालुओं से भरी एक लोडिंग पिकअप को सामने से आ रहे स्क्रैप से लदे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया।
नई गाड़ी में निकले थे श्रद्धालु, पलभर में बिखर गई खुशियां
जानकारी के अनुसार कलगांव के श्रद्धालुओं ने हरिद्वार यात्रा के लिए माजरी गुर्जर निवासी महिपाल की नई लोडिंग गाड़ी बुक की थी। वाहन नया होने के कारण महिपाल स्वयं भी श्रद्धालुओं के साथ हरिद्वार दर्शन के लिए रवाना हुआ था। वाहन में कलगांव के आठ पुरुष, छह महिलाएं तथा माजरी गुर्जर के दो पुरुष और एक महिला सहित कुल 17 लोग सवार थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिकअप पर लोहे का एक चैंबर बनाया गया था, जिसके ऊपर कुछ लोग विश्राम कर रहे थे। हादसे के दौरान सबसे अधिक नुकसान इसी हिस्से को हुआ, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई हादसे की भयावह तस्वीर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देर रात करीब साढ़े 11 से 12 बजे के बीच सामने से स्क्रैप से भरा ट्रक तेज गति से आ रहा था। पिकअप चालक ने कई बार डिपर देकर ट्रक चालक को संकेत दिया और अपना वाहन सड़क किनारे कर लिया, लेकिन ट्रक चालक ने न तो गति कम की और न ही दिशा बदली। कुछ ही क्षणों में ट्रक सीधे पिकअप से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के ऊपर बने चैंबर में सो रहे श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
तीन परिवारों से छिन गया सबसे बड़ा सहारा
हादसे में जान गंवाने वालों में 23 वर्षीय रमेश मेघवाल, 40 वर्षीय सरजीत और 22 वर्षीय रतन वाल्मीकि शामिल हैं। रमेश पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और दो वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है और हादसे में वह भी घायल हुई है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी रमेश पर ही थी। वहीं सरजीत अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे और अपने पीछे पत्नी व दो बेटों को छोड़ गए हैं। तीसरे मृतक रतन वाल्मीकि बेहद साधारण परिवार से थे। माता-पिता के निधन के बाद वह परिवार का इकलौता सहारा था और मजदूरी कर जीवनयापन करता था। उसकी मौत से परिवार की अंतिम उम्मीद भी खत्म हो गई।
घायलों का इलाज जारी, हादसे की जांच में जुटी पुलिस
दुर्घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य कराया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक की तेज रफ्तार और कथित लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं कलगांव में तीन श्रद्धालुओं की मौत के बाद शोक की लहर है और कई घरों में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने की मांग भी उठाई है।
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