तृणमूल को झटके पर झटका, दो महीने में पार्टी मुख्यालय खाली करने का मिला नोटिस
कोलकाता। बंगाल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और राज्य की सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
इसी कड़ी में अब कोलकाता के ईएम बाइपास के किनारे बहुमंजिला इमारत में स्थित तृणमूल कांग्रेस के अस्थायी मुख्यालय तृणमूल भवन को खाली करने के लिए मकान मालिक ने दो महीने का अल्टीमेटम दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, कोलकाता के एपी कैनाल साउथ रोड स्थित उक्त इमारत के मालिक मनोतोस साहा उर्फ मोंटू ने पार्टी नेतृत्व को नोटिस भेजकर तृणमूल भवन खाली करने को कहा है। नोटिस में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अगले दो महीने के भीतर तृणमूल कार्यालय खाली करना होगा।
दरअसल, वर्ष 2022 में पार्टी ने वहां से कुछ किलोमीटर दूर तपसिया में स्थित अपने पुराने व स्थाई मुख्यालय के पुनर्निर्माण कार्य के चलते अपने मुख्य कार्यालय को वहां से हटाकर कैनाल रोड स्थित इस भवन में स्थानांतरित किया था।
शुरुआत में दो वर्षों के लिए किराये पर समझौता हुआ था, जिसे बाद में दो साल और बढ़ाया गया। अब समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद भवन मालिक ने परिसर वापस मांगा है।
मोंटू साहा का आरोप है कि चार मई को चुनाव परिणाम आने के बाद से उनके भवन पर हमले की कोशिशें हो रही थीं। इसी कारण वह नहीं चाहते कि उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने दावा किया कि तृणमूल नेतृत्व की ओर से दो महीने के भीतर भवन खाली करने का मौखिक आश्वासन भी मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने सभी बकाया किराए का भुगतान कर दिया है।
वहीं, इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल प्रवक्ता व विधायक कुणाल घोष ने कहा कि तृणमूल भवन किराए पर लिया गया था। यदि मकान मालिक अब भवन वापस लेना चाहते हैं तो यह उनका अधिकार है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर पार्टी के भीतर बातचीत हुई होगी। सूत्रों के अनुसार, तपसिया रोड स्थित तृणमूल कांग्रेस के पुराने मुख्यालय का मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पार्टी फिर से अपने पुराने कार्यालय में लौट सकती है।