ईरान के जनाजे पर ट्रंप की टिप्पणी को लेकर जीडी बख्शी की प्रतिक्रिया, बोले- शोक के समय ऐसी भाषा उचित नहीं
ईरान में दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार और उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की कथित टिप्पणियों को लेकर बहस तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी G. D. Bakshi ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शोक के माहौल में किसी भी तरह की विवादित बयानबाजी उचित नहीं है और इससे संवेदनशील परिस्थितियां और अधिक तनावपूर्ण हो सकती हैं।
जनाजे में उमड़ी भीड़ का किया उल्लेख
एक मीडिया बातचीत में जीडी बख्शी ने कहा कि ईरान में अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि देश के भीतर व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। उन्होंने एक मासूम बच्ची के ताबूत का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे दुखद माहौल में लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी त्रासदी या शोक के समय संवेदनशील भाषा का इस्तेमाल जरूरी होता है।
ट्रंप की टिप्पणियों पर जताई आपत्ति
बख्शी ने आरोप लगाया कि शोक के बीच की गई तीखी टिप्पणियां उचित नहीं थीं। उन्होंने कहा कि किसी देश के दुखद माहौल को लेकर विवादित बयान देना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश दे सकता है। हालांकि, ट्रंप की कथित टिप्पणियों को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं और इस विषय पर आधिकारिक संदर्भ भी महत्वपूर्ण है।
सैन्य रणनीति पर भी रखी अपनी राय
रिटायर्ड मेजर जनरल ने कहा कि केवल हवाई हमलों के जरिए किसी देश में सत्ता परिवर्तन करना आसान नहीं होता। उन्होंने सैन्य इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी बड़े सैन्य अभियान की सफलता कई रणनीतिक और जमीनी कारकों पर निर्भर करती है। उनके अनुसार, किसी देश की भौगोलिक स्थिति, सैन्य क्षमता और आंतरिक परिस्थितियां ऐसे अभियानों के परिणाम को प्रभावित करती हैं। यह उनके व्यक्तिगत सैन्य विश्लेषण का हिस्सा है।
क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चिंता
बख्शी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के वैश्विक प्रभावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर ऐसे तनावों का प्रभाव पहले भी देखा गया है, इसलिए स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।