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अनु मीणा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, FIR में पति पर गंभीर आरोप

“कामवाली के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा तो पत्नी पर किया हमला”


जयपुर में चर्चित अनु मीणा सुसाइड केस में दर्ज एफआईआर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मृतका के परिजनों ने पति गौतम मीणा पर घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और अवैध संबंधों के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि अनु लंबे समय से प्रताड़ना झेल रही थी और कई बार उसने अपनी पीड़ा परिजनों को बताई थी। आरोप है कि पति की हरकतों और लगातार हो रही मारपीट से परेशान होकर अनु ने 7 अप्रैल को आत्महत्या कर ली। मामले के सामने आने के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

कामवाली के साथ पकड़ने पर हुआ विवाद

एफआईआर के अनुसार पिछले साल दीपावली के दौरान अनु अपने पति गौतम मीणा के साथ गांव चितवाड़ी गई थी। आरोप है कि वहां उसने पति को कामवाली के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। यह देखकर अनु हैरान रह गई और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। परिजनों का कहना है कि रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद आरोपी बौखला गया और उसने अनु के साथ मारपीट की। घटना के बाद अनु ने अपनी मां को फोन कर पूरी जानकारी दी थी। परिवार के लोग जब गांव पहुंचे तो आरोपी ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का भरोसा दिया था।

शादी के बाद से प्रताड़ना का आरोप

मृतका के भाई नीरज ने पुलिस को बताया कि अनु और गौतम की शादी 25 जुलाई 2015 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि गौतम शराब पीकर अनु के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। कई बार दहेज को लेकर भी प्रताड़ित किया गया। परिवार का कहना है कि हर विवाद के बाद आरोपी समझौते और सुधार का भरोसा देकर मामला शांत करवा देता था। अनु अपने बच्चों और परिवार को बचाने के लिए सबकुछ सहती रही, लेकिन मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना लगातार बढ़ती चली गई।

गैस ऑन कर परिवार को घर में बंद करने का आरोप

एफआईआर में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। परिजनों के अनुसार 13 मार्च की रात गौतम मीणा ने अनु और दोनों बच्चों को घर में बंद कर दिया और एलपीजी गैस चालू छोड़कर वहां से चला गया। पूरी रात परिवार गैस भरे घर में फंसा रहा। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बाद में पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाकर उन्हें बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिवार ने अनु को अपने पास रहने के लिए कहा, लेकिन उसने पति और उसके अकेलेपन का हवाला देकर ससुराल छोड़ने से इनकार कर दिया था।

38 दिन बाद दर्ज हुई शिकायत, जांच जारी

अनु की मौत के बाद परिवार सदमे में था। परिजनों का कहना है कि सामाजिक दबाव और समझौते की कोशिशों के चलते तुरंत शिकायत दर्ज नहीं हो सकी। घटना के करीब 38 दिन बाद, 15 मई को पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई। अब पुलिस एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है। मामले में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को चर्चा में ला दिया है

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