दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, दर्शन कर लौट रहे परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
इंद्रगढ़ से लौटते समय हुआ भीषण सड़क हादसा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मासूम बच्चे और बुजुर्ग की जान चली गई। कोटा लौट रहा एक परिवार हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे से नीचे अंडरपास में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक बुजुर्ग ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार के साथ दर्शन कर लौट रहे थे यात्री
जानकारी के अनुसार कोटा की पार्श्वनाथ कॉलोनी निवासी नंदेश कुमार दाधीच अपने पिता बांके बिहारी दाधीच, माता कमलेश बाई और मित्र विजय कुमार शर्मा के साथ इंद्रगढ़ दर्शन कर वापस कोटा लौट रहे थे। कार में विजय कुमार शर्मा का चार वर्षीय पुत्र शौर्य भी सवार था। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन सुल्तानपुर क्षेत्र के पास पहुंचते ही अचानक हादसा हो गया। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि धार्मिक यात्रा से लौटते समय ऐसा दुखद हादसा उनका इंतजार कर रहा है।
नियंत्रण खोने के बाद अंडरपास में जा गिरी कार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मेहंदी माइनर के पास कार अचानक असंतुलित हो गई। बताया जा रहा है कि सड़क की स्थिति और वाहन की गति के कारण चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका। वाहन पहले जोरदार तरीके से उछला और फिर दिशा बदलते हुए एक्सप्रेसवे से नीचे स्थित अंडरपास में जा गिरा। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
मासूम की मौके पर मौत, बुजुर्ग ने अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे में चार वर्षीय शौर्य की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल 70 वर्षीय बांके बिहारी दाधीच ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। अस्पताल में जब परिजनों को मौत की सूचना मिली तो माहौल गमगीन हो गया और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, बचाव कार्य में किया सहयोग
दुर्घटना के बाद आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। तेज धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने पुलिस और एंबुलेंस को भी तत्काल सूचना दी। उनकी तत्परता के कारण घायलों को जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सका। स्थानीय लोगों की मदद से प्रारंभिक राहत कार्य तेजी से पूरा हुआ।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया था। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। वहीं इस हादसे के बाद पूरे इलाके और परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। एक धार्मिक यात्रा से लौटते परिवार की खुशियां कुछ ही क्षणों में मातम में बदल गईं।