टोंक में बारिश के पानी में उतरा करंट, युवक की मौत के बाद मुआवजे की मांग पर धरना जारी
राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में बारिश के दौरान सड़क पर भरे पानी में करंट फैलने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजन और स्थानीय लोग बिजली विभाग की कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से समझाइश का प्रयास जारी है।
बारिश के पानी में फैला करंट, युवक की गई जान
मंगलवार शाम मालपुरा कस्बे के महावीर मार्ग पर भारी बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था। इसी दौरान 22 वर्षीय राहुल वर्मा बाजार से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे लगे एक बिजली के पोल में करंट उतरने से पानी में विद्युत प्रवाह फैल गया। जैसे ही राहुल उस हिस्से से गुजरे, वे करंट की चपेट में आ गए और सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद बढ़ा आक्रोश
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पानी में करंट होने के कारण शुरुआती कुछ क्षणों तक कोई भी युवक के पास जाने का साहस नहीं कर सका। बिजली सप्लाई बंद होने के बाद ही लोगों ने सुरक्षित तरीके से युवक को बाहर निकाला। इस घटना ने बारिश के मौसम में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग पर धरना
राहुल वर्मा के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सरकारी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले तथा इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की ओर से लगातार वार्ता की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग
इस घटना पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिजली विभाग की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।