अलवर में टीकाराम जूली का सरकार पर वार, किसानों के मुआवजे पर सवाल
अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने किसानों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोती डूंगरी स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल राहत और प्रभावी सर्वे की मांग की।
जनसुनवाई में पहुंचे लोग, उठे कई मुद्दे
काठुवास गांव से अलवर पहुंचे टीकाराम जूली ने मोती डूंगरी स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने बिजली-पानी की समस्या उठाई तो किसी ने राजस्व और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी शिकायतें रखीं। जूली ने सभी लोगों की बात ध्यान से सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश देने की बात कही। जनसुनवाई में स्थानीय मुद्दों की गंभीरता साफ नजर आई।
किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा
मीडिया से बातचीत में जूली ने किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं, लेकिन राहत कार्यों में देरी की जा रही है। किसानों को न तो समय पर मुआवजा मिल रहा है और न ही उनकी समस्याओं का सही आकलन हो पा रहा है, जिससे वे भारी नुकसान झेल रहे हैं।
गिरदावरी और सर्वे पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा आने पर सरकार गिरदावरी और सर्वे के आदेश तो देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ प्रभावित किसानों तक समय पर नहीं पहुंचता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में फसल खराब होने के बावजूद किसानों को मुआवजे का इंतजार करना पड़ रहा है। जूली ने कहा कि प्रशासनिक ढिलाई के कारण किसानों की स्थिति और खराब होती जा रही है।
राहत कोष और योजनाओं के उपयोग की मांग
टीकाराम जूली ने सुझाव दिया कि किसानों को तुरंत राहत देने के लिए आपदा राहत कोष का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त सहायता दी जा सकती है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रभावित किसानों को प्राथमिकता के आधार पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।
सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल
जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शीघ्र सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी आर्थिक स्थिति को स्थिर करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।