राजस्थान में रेल विस्तार की बड़ी योजना: 5 नए प्रोजेक्ट से बदलेगी कनेक्टिविटी
राजस्थान में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन के साथ-साथ राज्य के पांच प्रमुख रेल प्रोजेक्ट्स को जल्द गति मिलने जा रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से कई जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा और यात्रियों को तेज, आसान और सीधा रेल संपर्क मिलेगा। खासकर सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
खाटूश्यामजी स्टेशन: श्रद्धालुओं को मिलेगा सीधा लाभ
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीकर जिले के सुंदरपुरा में खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन की घोषणा की है। यह स्टेशन देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाएगा। इसके निर्माण कार्य को लेकर तैयारियां तेज हैं और अगले 8 से 10 महीनों में काम शुरू होने की संभावना है। इस स्टेशन के बनने से खाटूश्यामजी तक सीधी ट्रेन सेवाएं बढ़ेंगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
जालोर–सिरोही–स्वरूपगंज रेल लाइन: पहली बार जुड़ेगा जिला मुख्यालय
मारवाड़ बागरा (जालोर) से सिरोही होते हुए स्वरूपगंज तक 96 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का सर्वे पूरा हो चुका है। यह प्रोजेक्ट सिरोही जिले को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे करीब 10 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही जयपुर, दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों तक यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बालोतरा–पचपदरा रेल प्रोजेक्ट: रिफाइनरी कनेक्टिविटी को मजबूती
बालोतरा से पचपदरा तक 11 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का सर्वे पूरा हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के लिए 33 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। इस लाइन के बनने से पचपदरा रिफाइनरी को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आएगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
बिलाड़ा–रास रेल लाइन: यात्रा दूरी होगी कम
जोधपुर के बिलाड़ा से पाली जिले के जैतारण होते हुए रास तक 58 किलोमीटर रेल लाइन प्रस्तावित है। लगभग 850 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की DPR रेल मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। इस रूट के बनने के बाद ब्यावर से जोधपुर की दूरी 191 किलोमीटर से घटकर 133 किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रियों को समय और खर्च दोनों में बड़ी राहत मिलेगी।
धौलपुर–करौली–गंगापुर सिटी रेल प्रोजेक्ट: दो चरणों में होगा विकास
145 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन 16 साल पहले स्वीकृत हुई थी, जिसे अब विशेष परियोजना के रूप में तेज किया गया है। पहला चरण धौलपुर से सरमथुरा तक पूरा किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में करौली से गंगापुर सिटी तक विस्तार होगा। यह परियोजना पूरा होने पर करौली क्षेत्र पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे स्थानीय विकास और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा।
सीमावर्ती जिलों में नई रेल लाइनें: रणनीतिक महत्व भी बढ़ेगा
जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे सीमावर्ती जिलों में भी रेलवे विस्तार की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। खाजूवाला से जैसलमेर तक 260 किलोमीटर और भीलड़ी से बाड़मेर होते हुए जैसलमेर तक 380 किलोमीटर रेल लाइन प्रस्तावित है। इन प्रोजेक्ट्स का फाइनल सर्वे चल रहा है। इन लाइनों से सीमावर्ती क्षेत्रों में न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।