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NEET आंदोलन के बाद CJP की नई रणनीति, E20 और छात्र आंदोलनों पर बढ़ाएगी दबाव

NEET पेपर लीक आंदोलन के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने अपनी आगामी रणनीति स्पष्ट कर दी है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय एक ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करेगी और शिक्षा, बेरोजगारी, E20 ईंधन नीति तथा छात्र आंदोलनों जैसे मुद्दों पर जनदबाव बनाने का प्रयास करेगी।

चुनाव नहीं, जनदबाव की राजनीति पर रहेगा जोर

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित संगठन की दो दिवसीय कोर टीम बैठक से पहले अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP का उद्देश्य पारंपरिक राजनीतिक दल बनना नहीं है। उनके अनुसार, देश में पहले से कई राजनीतिक दल मौजूद हैं, लेकिन आम लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं और व्यवस्था पर लगातार कमजोर हुआ है। ऐसे माहौल में एक ऐसे जनदबाव समूह की जरूरत है, जो सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का काम करे। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक मुद्दों पर लोगों की आवाज को संगठित करने की दिशा में काम करेगा।

NEET आंदोलन के बाद E20 और बेरोजगारी बने नए मुद्दे

दीपके ने कहा कि NEET पेपर लीक के खिलाफ चला 37 दिनों का आंदोलन केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने व्यापक सुधारों की आवश्यकता को सामने रखा। उन्होंने बताया कि अब CJP सरकार की E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) नीति, बढ़ती बेरोजगारी और विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक कमियों जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। संगठन का मानना है कि इन मुद्दों का सीधा प्रभाव आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है और इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।

झारखंड छात्र आंदोलन को मिलेगा समर्थन

CJP ने झारखंड में JPSC परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन का भी ऐलान किया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन की टीम जल्द झारखंड का दौरा करेगी और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के समर्थन में खड़ी होगी। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को मजबूती देना और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दौरान छात्र संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी संवाद किया जाएगा।

घायल छात्रों की मदद और कानूनी सहयोग पर भी जोर

संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि CJP केवल आंदोलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हालिया छात्र आंदोलनों में घायल हुए युवाओं को कानूनी सहायता और इलाज में भी सहयोग दे रहा है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की। वहीं, पर्यावरणविद् और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक संगठन के मार्गदर्शक के रूप में जुड़े रहेंगे और भविष्य की रणनीति को दिशा देने में सहयोग करेंगे।

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Stv News Rajasthan

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