पंचायत चुनाव: प्रचार के अंतिम दिन टीकाराम जूली का गांव-गांव दौरा, कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में मांगे वोट
अलवर। राजस्थान में पंचायत चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस ने अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज किया। कांग्रेस विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को विभिन्न गांवों का दौरा कर कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं कीं। उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इस दौरान कई जगह उनका स्वागत किया गया और समर्थकों ने रैलियां निकालकर प्रचार में भाग लिया। जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए ग्रामीण विकास, मनरेगा, पेंशन और किसान सम्मान निधि जैसे मुद्दे उठाए।
गांव-गांव पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन
पंचायत चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन टीकाराम जूली ने अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क किया। उन्होंने जनसभाओं के माध्यम से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। प्रचार के दौरान स्थानीय मुद्दों और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने इस जनसंपर्क अभियान के जरिए मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। अब प्रचार समाप्त होने के बाद चुनावी मुकाबले में प्रत्याशियों की स्थिति मतदाताओं के फैसले से तय होगी।
भाजपा सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर उठाए सवाल
चुनावी सभाओं में जूली ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार के फैसलों से आमजन, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, जनता सरकार के कामकाज का हिसाब मांग रही है और पंचायत चुनाव में इसका जवाब दे सकती है। हालांकि, ये जूली के राजनीतिक आरोप हैं। सरकार के कामकाज और योजनाओं के प्रभाव का आकलन संबंधित आंकड़ों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
मनरेगा और पंचायतों के बजट का मुद्दा उठाया
टीकाराम जूली ने मनरेगा और पंचायत व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और सरकार इसकी भरपाई नहीं कर पाई। उन्होंने यह भी कहा कि पांच साल तक पंचायत चुनाव नहीं होने से ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था प्रभावित हुई। जूली ने इन मुद्दों को ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा। पंचायतों के बजट और मनरेगा से जुड़े उनके दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों की जरूरत होगी।
पेंशन, पालनहार और छात्रवृत्ति के भुगतान में देरी का आरोप
कांग्रेस विधायक ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना और छात्रवृत्ति के भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। जूली ने किसानों को 12,000 रुपये किसान सम्मान निधि देने के वादे को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर परेशान हैं। उन्होंने मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील की। इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और योजनाओं से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
प्रचार समाप्त, अब मतदाताओं के फैसले का इंतजार
पंचायत चुनाव के अंतिम दिन टीकाराम जूली का गांव-गांव दौरा कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान का हिस्सा रहा। प्रचार के दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशियों ने मतदाताओं से समर्थन मांगा। अब प्रचार समाप्त होने के बाद चुनावी मुकाबले का परिणाम मतदाताओं के मतदान से तय होगा। चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि स्थानीय मतदाताओं ने किस प्रत्याशी और दल पर भरोसा जताया।