दिवाली से पहले ट्रेनों में भारी भीड़, बाथरूम तक पहुंचना मुश्किल; 150 से ज्यादा अतिरिक्त कोच लगाए
जयपुर: दिवाली में अभी 13 दिन बाकी हैं, लेकिन जयपुर से चलने और गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। एसी और स्लीपर श्रेणी में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्री जनरल डिब्बों के भरोसे सफर कर रहे हैं। हालात यह हैं कि कई ट्रेनों में यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही। कुछ लोग दरवाजों, गलियारों और शौचालय के पास खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे ने त्योहारों के मद्देनजर 100 से अधिक ट्रेनों में 150 से ज्यादा अतिरिक्त कोच लगाए हैं। इसके बावजूद जनरल श्रेणी में भीड़ का दबाव बना हुआ है।
दिवाली से पहले ही ट्रेनों में बढ़ा यात्रीभार
दिवाली और छठ पूजा पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर लौटते हैं। त्योहार से पहले ही जयपुर से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में इसका असर दिखाई देने लगा है।एसी और स्लीपर श्रेणी में कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। कम किराए में सफर करने वाले कई यात्रियों के लिए जनरल डिब्बे ही सबसे सुलभ विकल्प हैं। लेकिन इन कोचों में भीड़ बढ़ने से यात्रा मुश्किल होती जा रही है।त्योहार के दौरान घर पहुंचने की जरूरत और सीमित बजट के कारण यात्रियों को परेशानी के बावजूद सफर करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यात्रीभार और बढ़ने की आशंका है।
100 से ज्यादा ट्रेनों में 150 से अधिक अतिरिक्त कोच
उत्तर पश्चिम रेलवे के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 100 से अधिक ट्रेनों में 150 से ज्यादा अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं। इनमें एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी के कोच शामिल हैं।रेलवे की ओर से यह व्यवस्था त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को संभालने के लिए की गई है। अतिरिक्त कोच से ट्रेनों की यात्री क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि, केवल कोच बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। यात्रियों को किस श्रेणी में कितनी जगह चाहिए, इसका आकलन भी जरूरी है। खासकर जनरल डिब्बों में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त क्षमता की जरूरत महसूस की जा रही है।
जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं
कई लंबी दूरी की ट्रेनों के जनरल डिब्बों में यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक है कि बैठने की जगह मिलना मुश्किल हो रहा है। कुछ यात्रियों को दरवाजों और गलियारों में खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।शौचालय के आसपास भी यात्रियों के खड़े रहने से आवाजाही में परेशानी होती है। दरवाजों पर भीड़ होने से ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान दिक्कत बढ़ सकती है।ऐसे हालात में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सामान संभालना और अपने स्टेशन पर समय से उतरना भी चुनौती बन जाता है।
मजदूरों, विद्यार्थियों और कम आय वाले परिवारों पर ज्यादा असर
जनरल कोचों में यात्रा करने वालों में मजदूर, विद्यार्थी, छोटे व्यापारी और कम आय वाले परिवार बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इनके लिए हर यात्रा में एसी या स्लीपर टिकट खरीदना संभव नहीं होता।त्योहारों पर घर जाने की जरूरत के कारण इन यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में जनरल डिब्बों में पर्याप्त जगह नहीं मिलने का सीधा असर उनकी यात्रा पर पड़ता है।यात्रियों की जरूरतों के अनुसार कोचों की संख्या और उपलब्धता तय करना महत्वपूर्ण है। यदि जनरल श्रेणी में क्षमता पर्याप्त नहीं हुई, तो त्योहार के दौरान भीड़ और बढ़ सकती है।
अतिरिक्त कोच के साथ जनरल श्रेणी पर ध्यान देने की जरूरत
रेलवे की ओर से अतिरिक्त कोच लगाने की व्यवस्था के बावजूद यात्रियों की परेशानी बनी हुई है। इससे यह सवाल उठता है कि विभिन्न श्रेणियों में बढ़ती मांग के अनुसार क्षमता कैसे सुनिश्चित की जाए।जनरल डिब्बों में अधिक कोच उपलब्ध कराने से कम किराए में यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिल सकती है। इसके साथ ही यात्रियों की संख्या, प्रमुख रूटों की मांग और त्योहारों के दौरान चलने वाली विशेष ट्रेनों की जरूरत का आकलन भी महत्वपूर्ण है।हालांकि, किस ट्रेन में कितने अतिरिक्त जनरल कोच लगाए जाएंगे, इसकी जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं से ही स्पष्ट होगी।
दिवाली के बाद छठ पूजा पर भी बढ़ेगी भीड़
दिवाली के बाद छठ पूजा के लिए भी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही जारी रहेगी। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों पर दबाव बना रह सकता है।रेलवे के सामने चुनौती यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराने की है। त्योहारों के दौरान समय पर यात्रा, सुरक्षित चढ़ने-उतरने की सुविधा और जनरल कोचों में पर्याप्त जगह महत्वपूर्ण हैं।फिलहाल, जयपुर से चलने और गुजरने वाली ट्रेनों में बढ़ती भीड़ ने त्योहारों के दौरान यात्रा की चुनौती को पहले ही सामने ला दिया है। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले टिकट की उपलब्धता और ट्रेन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।