जयपुर में रिश्वत लेते पकड़े गए कर्नाटक पुलिस के तीन कर्मी, एसीबी की बड़ी कार्रवाई
राजधानी जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक अहम कार्रवाई करते हुए कर्नाटक पुलिस के तीन कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दहेज उत्पीड़न मामले की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता पक्ष को राहत देने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी। एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एक महिला सब-इंस्पेक्टर की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
दहेज मामले की जांच के बहाने मांगी गई रिश्वत
एसीबी अधिकारियों के अनुसार बेंगलुरु से आई पुलिस टीम एक दहेज उत्पीड़न प्रकरण की जांच के लिए जयपुर पहुंची थी। जांच के दौरान आरोपियों ने संबंधित पक्ष पर दबाव बनाते हुए मामला हल करने और राहत देने के बदले दो लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने खुद को परेशान महसूस करते हुए पूरे मामले की जानकारी एसीबी को दी। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने आरोपों को गंभीर मानते हुए ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
होटल में बिछाया जाल, 40 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर एसीबी ने जयपुर के एक होटल में विशेष कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये लेकर आरोपियों से मिलने पहुंचा। जैसे ही रकम का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया। कार्रवाई एडिशनल एसपी भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में की गई। मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई और आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
महिला एसआई की बिगड़ी तबीयत
एसीबी की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार महिला सब-इंस्पेक्टर अनीता की तबीयत अचानक खराब हो गई। अधिकारियों के अनुसार उन्हें ब्लड प्रेशर संबंधी समस्या हुई, जिसके बाद तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार के नेटवर्क की जांच जारी
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने और वसूली के इस मामले में केवल तीन आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। जांच एजेंसी कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।