गहलोत का सरकार पर बड़ा हमला: ‘शिक्षा विभाग में डेढ़ लाख पद खाली, क्या भर्ती का वादा भी जुमला था?’
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में एक वर्ष के भीतर सभी रिक्त पद भरने का वादा किया था, लेकिन सरकार के ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शिक्षा विभाग में करीब डेढ़ लाख पद खाली हैं। गहलोत ने कहा कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है।
संकल्प पत्र का वादा याद दिलाकर सरकार से पूछा सवाल
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए भाजपा के 2023 के संकल्प पत्र का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लिखित रूप से शिक्षा विभाग की सभी रिक्तियों को एक वर्ष के भीतर भरने का संकल्प लिया था। उनका सवाल है कि जब सरकार को बने ढाई साल से अधिक हो चुके हैं, तब भी बड़ी संख्या में पद खाली क्यों हैं। उन्होंने इसे चुनावी वादों की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
व्याख्याता से लेकर प्राचार्य तक हजारों पद रिक्त होने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की संख्या बढ़कर लगभग 1.5 लाख तक पहुंच गई है। उनके अनुसार अकेले व्याख्याता के 51,073, वरिष्ठ अध्यापक के 24,384 और प्राचार्य के 15,921 पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने से सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गहलोत का कहना है कि इन पदों को समय पर नहीं भरने से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में कठिनाई आ रही है।
‘एक शिक्षक पढ़ा रहा कई विषय’, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
गहलोत ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी के कारण कई सरकारी स्कूलों में एक ही शिक्षक को दो या तीन कक्षाओं अथवा अलग-अलग विषयों की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर भी असर पड़ रहा है। उनके मुताबिक पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।
अपनी सरकार की भर्तियों का किया उल्लेख, सरकार से मांगा जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा सहित विभिन्न विभागों में रिकॉर्ड स्तर पर भर्तियां कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया था। उन्होंने वर्तमान सरकार से पूछा कि संकल्प पत्र में किए गए भर्ती संबंधी वादे को आखिर कब पूरा किया जाएगा। गहलोत ने कहा कि यदि समयबद्ध तरीके से रिक्त पद नहीं भरे गए तो इसका सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के विद्यार्थियों और युवाओं को उठाना पड़ेगा। फिलहाल सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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